नई दिल्ली,
नई दिल्ली(HRIDAY STAMBH);सरकारी नौकरी (Sarkari Naukri) की तैयारी करने वाले देश के लाखों युवाओं के लिए एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अब तक कर्मचारी चयन आयोग (SSC), बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) और अन्य राज्य आयोगों की परीक्षाओं में धांधली की खबरें आती रही हैं, लेकिन अब बैंकिंग क्षेत्र की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में भी एक बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है।
इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (IBPS) की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर सेंधमारी कर नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि इसके जरिए न केवल फर्जी तरीके से परीक्षाएं पास की गईं, बल्कि कई उम्मीदवार पिछले कई सालों से देश के विभिन्न बैंकों में अधिकारी (Bank Officer) के रूप में नौकरी भी कर रहे थे।
कैसे हुआ इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा?
आईबीपीएस (IBPS) की भर्ती परीक्षाओं के पिछले 5 वर्षों (विशेषकर 2020 से 2024 के बीच) के रिकॉर्ड्स की जब गहराई से छानबीन की गई, तब इस बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ।
जांच के दौरान अधिकारियों ने उम्मीदवारों की पुरानी तस्वीरों, बायोमेट्रिक डेटा और विशेष रूप से आइरिस स्कैन (आंखों की पुतली की स्कैनिंग) का मिलान किया। मिलान करने पर यह स्पष्ट हुआ कि परीक्षा के वक्त एग्जाम हॉल में बैठने वाला व्यक्ति कोई और था, जबकि बैंकों में नौकरी करने वाला असली अभ्यर्थी कोई और निकला।
मुख्य आंकड़े एक नजर में:
- कुल संदिग्ध अभ्यर्थी: 257
- वर्तमान में विभिन्न बैंकों में कार्यरत संदिग्ध: 172
- सीबीआई (CBI) द्वारा अब तक गिरफ्तारियां: 4 (छापेमारी और जांच का दायरा कई राज्यों तक फैला हुआ है)
किन तरीकों से दिया गया खेल को अंजाम?
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस फर्जीवाड़े को बेहद शातिर तरीके से अंजाम दिया गया था:
- डमी कैंडिडेट्स (Impersonation): असली आवेदक की जगह किसी ‘सॉल्वर’ या डमी कैंडिडेट को परीक्षा और इंटरव्यू के विभिन्न चरणों में बैठाया गया।
- बायोमेट्रिक से छेड़छाड़: परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा तंत्र को चकमा देने के लिए केमिकल, सिलिकॉन या अन्य तकनीकों का उपयोग कर उंगलियों के निशानों में फेरबदल किया गया।
- मॉर्फ्ड तस्वीरें: आवेदन फॉर्म में ऐसी तस्वीरें या बदलाव किए गए जिससे असली चेहरे की पहचान आसानी से न हो सके।
- ज्वाइनिंग के वक्त असली अभ्यर्थी की एंट्री: परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब फाइनल नियुक्ति और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का वक्त आया, तो असली उम्मीदवारों ने प्रक्रिया संभाल ली।
IBPS और CBI का कड़ा एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार, हरियाणा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है।
- आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Debarment): आईबीपीएस ने धांधली में लिप्त पाए गए सभी कार्यरत और संदिग्ध उम्मीदवारों को भविष्य की सभी परीक्षाओं के लिए आजीवन प्रतिबंधित (Debar) कर दिया है।
- बैंकों को सख्त निर्देश: संबंधित बैंकों को उनके सर्विस रूल्स के तहत इन कर्मचारियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई और बर्खास्तगी के निर्देश दे दिए गए हैं। कई जगहों पर निलंबन की कार्रवाई शुरू भी हो चुकी है।
बैंकिंग अभ्यर्थियों के बीच गहरी निराशा
इस खुलासे के बाद देश के उन लाखों युवाओं में भारी गुस्सा और निराशा है, जो दिन-रात एक करके पूरी ईमानदारी से बैंक परीक्षाओं (Bank PO/Clerk) की तैयारी करते हैं। इस प्रकार की सेंधमारी से न केवल बैंकिंग प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, बल्कि मेधावी छात्रों का रिक्रूटमेंट सिस्टम से भरोसा भी डगमगाने लगा है।

