मुंबई/भोपाल
मुंबई में सीएम मोहन यादव से उद्योगपतियों की मुलाकात,वेलस्पन और आरपीजी समूह भी मध्यप्रदेश में निवेश को तैयार
मुंबई/भोपाल। मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मुंबई में हुई उद्योगपतियों से मुलाकात में कई बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें सबसे प्रमुख प्रस्ताव गुना में सेमीकंडक्टर-ग्रेड सिलेन गैस प्लांट लगाने का है। आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स ने करीब 1,260 करोड़ रुपए के निवेश से यह संयंत्र स्थापित करने की इच्छा जताई है। कंपनी के अनुसार अप्रैल 2029 से उत्पादन शुरू होने की संभावना है।
मुंबई के होटल द सेंट रेजिस में आयोजित ‘मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर संवाद’ कार्यक्रम में सेमीकंडक्टर, पाइप, टेक्निकल टेक्सटाइल, टायर, पावर ट्रांसमिशन और आईटी क्षेत्र में निवेश को लेकर चर्चा हुई। प्रस्तावित सिलेन प्लांट से 320 से अधिक स्थानीय रोजगार के अवसर बनने और करीब 350 करोड़ रुपए के आयात का विकल्प तैयार होने की संभावना जताई गई है। सिलेन गैस का इस्तेमाल सेमीकंडक्टर निर्माण में किया जाता है।
विशेष गैसों के लिए भी 1200 करोड़ का प्रस्ताव
सेमीकंडक्टर उद्योग में इस्तेमाल होने वाली विशेष गैसों के उत्पादन के लिए करीब 1,200 करोड़ रुपए के एक अन्य संभावित निवेश पर भी चर्चा हुई। परियोजना के लिए करीब 40 एकड़ जमीन और प्राकृतिक गैस की उपलब्धता को प्रमुख जरूरत बताया गया। दोनों प्रस्ताव आगे बढ़ते हैं तो सेमीकंडक्टर से जुड़े संभावित निवेश का आकार करीब 2,460 करोड़ रुपए हो सकता है।
वेलस्पन की पाइप और टेक्निकल टेक्सटाइल पर नजर
वेलस्पन समूह ने एमएस लाइन पाइप क्षेत्र में करीब 150 करोड़ रुपए के निवेश की संभावना जताई है। समूह अपनी मिल की जमीन पर टेक्निकल टेक्सटाइल पार्क विकसित करने और एंकर यूनिट स्थापित करने की संभावनाएं भी तलाश रहा है। कंपनी की टीम प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण करेगी। रायसेन और देवास में सिंटेक्स के करीब 700 करोड़ रुपए के मौजूदा निवेश के साथ सड़क, राजमार्ग, जल और अपशिष्ट जल प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं में भी वेलस्पन की भागीदारी पर चर्चा हुई।
जबलपुर, रतलाम और सागर पर आरपीजी की नजर
आरपीजी समूह ने विद्युत पारेषण, टायर और आईटी क्षेत्र में मध्यप्रदेश की संभावनाओं पर चर्चा की। जबलपुर में पावर ट्रांसमिशन निवेश के अलावा रतलाम, सागर और जबलपुर में टायर निर्माण इकाई के लिए संभावित स्थान देखे जाएंगे। वहीं उज्जैन के आईटी बिल्ट-अप पार्क की प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं का उपयोग करने की संभावना भी समूह तलाशेगा।
‘जमीन से गैस तक’ सुविधाओं पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने निवेशकों को जमीन, बिजली, पानी, प्राकृतिक गैस और सड़क जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ समयबद्ध अनुमतियों और सिंगल विंडो व्यवस्था पर जोर दिया। सरकार का लक्ष्य निवेश प्रस्तावों को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय आवश्यक अधोसंरचना और प्रशासनिक सहयोग के जरिए उन्हें धरातल पर उतारना बताया गया।
मुंबई बैठक में सामने आए प्रस्तावों से मध्यप्रदेश में निवेश का फोकस पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर सेमीकंडक्टर गैस, टेक्निकल टेक्सटाइल, आईटी और पावर ट्रांसमिशन जैसे क्षेत्रों तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। हालांकि ये फिलहाल निवेश प्रस्ताव हैं। अंतिम निवेश, जमीन, अनुमति और तकनीकी व्यवहार्यता के बाद ही परियोजनाओं का वास्तविक आकार स्पष्ट होगा।
