दतिया
रिटायर्ड अफसरों-नेताओं से खाली कराए बंगले
दतिया (NEWS UPDATE): विधानसभा उपचुनाव के बाद क्षेत्र की राजनीति में उथल-पुथल का दौर जारी है। भीतरघात की आशंका के बाद जिला कार्यकारिणी भंग करने के फैसले के तुरंत बाद अब जिला प्रशासन भी पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है।
प्रशासन ने सालों से सरकारी बंगलों पर कब्जा जमाए बैठे भाजपा नेताओं और सेवानिवृत्त अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए आवास खाली कराने की कार्रवाई की है। सूत्रों के अनुसार, जिन लोगों पर यह कार्रवाई हुई है, उन्हें पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का करीबी माना जाता है।
राजघाट क्षेत्र के बंगलों पर हुई सख्त कार्रवाई
राजघाट क्षेत्र स्थित सरकारी आवासों का है। आरोप है कि सरकारी कर्मचारियों के लिए आरक्षित इन बंगलों पर पिछले 5 से 10 वर्षों से सेवानिवृत्त अधिकारी और गैर-सरकारी लोग अनाधिकृत रूप से रह रहे थे।
मंगलवार को प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर इन सरकारी बंगलों को खाली कराया। अचानक हुई इस कार्रवाई से स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने दी सफाई
कलेक्टर वानखड़े ने बताया कि प्रशासन की ओर से पहले संबंधित लोगों को विधिवत नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस दिए जाने के बाद भी संबंधित लोगों ने उसे गंभीरता से नहीं लिया और सरकारी आवास खाली नहीं किए। इसके बाद प्रशासन द्वारा मंगलवार को कार्रवाई करते हुए इन आवासों को खाली कराया गया।
कलेक्टर ने कहा कि सरकारी आवास निर्धारित नियमों के अनुसार पात्र सरकारी कर्मचारियों के लिए हैं। लंबे समय से अनधिकृत रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है। प्रशासन की कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी आवासों को उनके निर्धारित उपयोग के लिए उपलब्ध कराना है। और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
