भितरवार
नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगाते ही एक्टिव मोड पर भितरवार पुलिस
मशीन छुड़ाने के लिए दलाल हुए सक्रिय
भितरवार (हृदय स्तंभ/ HRIDAY STAMBH): ग्रीष्म ऋतु में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए नलकूप खनन पर रोक लगा दी गई है जसके बाद भितरवार पुलिस की बड़ी कार्यवाही सामने आई है जिसमे उन्होंने एक बोरिंग मशीन पकड़ी है खबर है कि मशीन छुड़वाने के लिए दलाल सक्रिय हो गए है।अब देखना ये है कि कलेक्टर के आदेशानुसार कार्यवाही कितनी दंडात्मक रहती है
ग्रीष्म ऋतु में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने ग्वालियर जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रुचिका चौहान ने नए नलकूप खनन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। यह प्रतिबंध 10 जुलाई 2026 अथवा पर्याप्त वर्षा होने तक प्रभावशील रहेगा।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं अनुविभागीय अधिकारियों के प्रतिवेदन के आधार पर जारी आदेश के तहत शासकीय पेयजल स्रोतों के 150 मीटर के दायरे में निजी हैंडपंप या ट्यूबवेल खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 3 के तहत जिले में बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के किसी भी उद्देश्य से नए नलकूप खनन पर रोक रहेगी। साथ ही नदी, नालों, तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों के जल का उपयोग सिंचाई, औद्योगिक या व्यावसायिक कार्यों में भी बिना अनुमति नहीं किया जा सकेगा। यह प्रतिबंध निजी वाहन धुलाई केंद्रों पर भी लागू रहेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल शासकीय विभागों को पेयजल व्यवस्था के लिए नलकूप खनन की अनुमति रहेगी। विशेष परिस्थितियों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री की अनुशंसा पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी अनुमति प्रदान कर सकेंगे।
आदेश का उल्लंघन करने पर मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 9 के तहत दो वर्ष तक का कारावास, दो हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों दंड का प्रावधान किया गया है।
