डबरा,
डबरा(HRIDAY STAMBH);
माननीय उच्च न्यायालय के सख्त आदेशों की अनुपालन में स्थानीय प्रशासन ने भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ एक बड़ा और निर्णायक अभियान चलाया है। अनुविभागीय अधिकारी (SDM) डबरा के कुशल निर्देशन में राजस्व विभाग की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ मिलकर ग्राम सर्वा में शासकीय भूमि पर वर्षों से जमे अवैध कब्जों को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया है। प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
किन खसरा नंबरों पर हुई कार्रवाई?
प्रशासनिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने पूरी योजनाबद्ध तरीके से ग्राम सर्वा में कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित शासकीय सर्वे नंबरों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया:
सर्वे क्रमांक 598
सर्वे क्रमांक 599
सर्वे क्रमांक 603
सर्वे क्रमांक 606
इन तमाम खसरा नंबरों पर लंबे समय से लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण या अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, जिन्हें प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंचकर पूरी तरह हटा दिया।
शासन के पक्ष में लिया गया भूमि का आधिपत्य
अतिक्रमण हटाने की यह पूरी प्रक्रिया उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण और सख्ती के साथ पूरी की गई। मौके पर मौजूद राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के तुरंत बाद संबंधित पूरी शासकीय भूमि का आधिकारिक कब्जा शासन के पक्ष में ले लिया है। प्रशासन अब इस भूमि की सुरक्षा के लिए आगे की बाउंड्रीवॉल या अन्य व्यवस्थाओं पर भी विचार कर रहा है।
भारी पुलिस बल रहा तैनात, कानून-व्यवस्था की रही पूरी चौकसी
अदालत के आदेश के पालन के दौरान किसी भी संभावित विरोध या कानून-व्यवस्था की समस्या से निपटने के लिए डबरा प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। कार्रवाई स्थल पर राजस्व विभाग के मैदानी अमले के साथ-साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी के चलते अतिक्रमणकारियों का कोई भी विरोध टिक नहीं सका।
प्रशासन का कड़ा संदेश: सरकारी जमीनों पर ‘जीरो टॉलरेंस’
क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और जानकारों का मानना है कि शासन की बहुमूल्य भूमि पर इस तरह के अवैध कब्जों से विकास कार्यों में बाधा आ रही थी। उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई को क्षेत्र में एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में भी सरकारी जमीनों, खेल मैदानों और चारागाहों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ इसी प्रकार की सख्त और बिना किसी दबाव के कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
