भोपाल
इंडिया केम-2026 में डॉ. मोहन यादव ने पेट्रोकेमिकल, उर्वरक और फार्मा क्षेत्र में गिनाईं संभावनाएं, 2027 की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आने का दिया आमंत्रण
भोपाल। मध्यप्रदेश को रसायन एवं पेट्रोकेमिकल उद्योग का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार ने निवेश आकर्षित करने की कवायद तेज कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मुंबई में आयोजित तीन दिवसीय ‘इंडिया केम-2026’ के उद्घाटन सत्र में देश-विदेश के निवेशकों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि पेट्रोकेमिकल, उर्वरक, रसायन और दवा निर्माण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में व्यापक संभावनाएं हैं। सरकार निवेशकों को सुविधाएं, सहयोग और उद्योगों के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को रसायन एवं पेट्रोकेमिकल उद्योग के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। उन्होंने निवेशकों को जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। इस वर्ष इंडिया केम की थीम ‘एडवांटेज भारत—एन इमर्जिंग ग्लोबल केमिकल्स हब’ है।
बीना, नागदा और विजयपुर में निवेश की संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने बीना को पेट्रोकेमिकल उद्योग के उभरते केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने बीना में प्रस्तावित बड़े पेट्रोकेमिकल निवेश से प्लास्टिक, पैकेजिंग, फार्मा और ऑटोमोबाइल उद्योगों के लिए बनने वाले अवसरों का उल्लेख किया। नागदा के रासायनिक उद्योग, विजयपुर की गैस प्रसंस्करण सुविधाओं और आष्टा की पेट्रोकेमिकल परियोजना को भी औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि रायसेन के तामोट और ग्वालियर के बिलौआ में प्लास्टिक पार्क विकसित किए गए हैं। धार के पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क से वस्त्र उद्योग के साथ पॉलिमर, रसायन और सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिल सकता है। सरकार बड़े उद्योगों के साथ छोटे और मझोले उद्यमों को भी औद्योगिक विकास से जोड़ना चाहती है।
उद्योगपतियों से निवेश पर सीधी चर्चा
मुख्यमंत्री ने वस्त्र, उच्च शिक्षा, उर्वरक और फार्मा क्षेत्र के उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। इन बैठकों में प्रस्तावित परियोजनाओं और निवेश संभावनाओं पर चर्चा हुई। भीलोस इंडस्ट्रीज की वस्त्र परियोजनाओं में करीब 7,500 करोड़ रुपये के निवेश और 3,750 रोजगार के अवसर प्रस्तावित हैं। मध्य भारत फॉस्फेट की मेघनगर में लगभग 350 करोड़ रुपये की उर्वरक परियोजना तथा पूर्वी मध्यप्रदेश में करीब 700 करोड़ रुपये की नई इकाई की योजना पर भी चर्चा हुई।
ल्यूपिन लिमिटेड के साथ लगभग 350 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश और फार्मा विनिर्माण विस्तार की संभावनाओं पर विचार किया गया। वहीं, सितारे यूनिवर्सिटी की ओर से देवास के निकट करीब 40 एकड़ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और कंप्यूटर साइंस केंद्रित आवासीय विश्वविद्यालय परिसर स्थापित करने की योजना पर चर्चा हुई।
सरकार का दावा-निवेश के लिए अनुकूल माहौल
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, सड़क नेटवर्क, बिजली, जल उपलब्धता, औद्योगिक भूमि और प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं को निवेश के लिए अनुकूल बताया। उन्होंने कहा कि सरकार सरल और पारदर्शी व्यवस्था के जरिए उद्योगों की स्थापना तथा विस्तार में सहयोग कर रही है। मुंबई में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम की प्रदर्शनी के माध्यम से भी प्रदेश की औद्योगिक नीतियों और निवेश अवसरों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि पेट्रोकेमिकल उद्योग को वर्ष 2040 तक एक ट्रिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने रसायन पार्कों के विकास और उन्नत पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में शोध एवं विकास को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया।


