ग्वालियर,
ग्वालियर(HRIDAY STAMBH);
शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर ग्वालियर से एक बेहद हृदयविदारक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं पर एक बेकाबू धान से लदा ट्रक काल बनकर टूट पड़ा। इस भीषण हादसे में अब तक 12 से 14 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 39 से 40 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
कैसे हुआ यह भीषण हादसा?
- समय और स्थान: यह दुर्घटना शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे (1:30 AM) की है, जब बड़ी संख्या में पदयात्री और श्रद्धालु नवरात्रि पर शीतला माता मंदिर की ओर जा रहे थे।
- ढलान और नो-एंट्री: चीनोर की ओर से मंदिर की तरफ आने वाली सड़क पर एक तेज ढलान है, जहां सुरक्षा की दृष्टि से भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहता है।
- बेकाबू हुआ ट्रक: रिपोर्ट्स के मुताबिक, धान से भरा एक ओवरलोड भारी ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया और रास्ते में लगाए गए पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ते हुए तेजी से नीचे उतरा। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक ट्रक सड़क पर चल रहे श्रद्धालुओं को कुचलता हुआ मंदिर की बाहरी दीवार और मुख्य गेट से जा टकराया।
प्रशासनिक कार्रवाई और राहत कार्य
- घायलों का इलाज: हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को तुरंत जयारोग्य अस्पताल (J.A. Hospital) के ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल 5-6 लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी इस चपेट में आकर घायल हुए हैं।
- अधिकारियों के बयान: ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह और कलेक्टर रुचिका चौहान ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
- जांच के आदेश: नवरात्रि के दौरान नो-एंट्री और पुलिस चेक-पॉइंट होने के बावजूद ट्रक अंदर कैसे घुसा, इसकी उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। ट्रक के ब्रेक फेल होने या तकनीकी खराबी की जांच के लिए आरटीओ (RTO) की तकनीकी टीम को भी मौके पर भेजा गया है।
त्योहर के माहौल में इस अमानवीय और दर्दनाक घटना के बाद पूरे ग्वालियर अंचल में शोक की लहर दौड़ गई है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
