दिल्ली,
दिल्ली(HRIDAY STAMBH);दिल्ली में CJP द्वारा जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन से पहले पुलिस और प्रशासन की कड़ी सुरक्षा पाबंदियों पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने इन प्रशासनिक बंदिशों को “लोकतंत्र की हत्या” करार देते हुए कहा कि यह भाजपा की घबराहट और बौखलाहट को साफ उजागर करता है।
आराधना मिश्रा ‘मोना’ के बयान के प्रमुख बिंदु
- भाजपा की घबराहट का प्रतीक: कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली आने वाली ट्रेनों का रद्द होना, सीमाओं और टोल प्लाजा पर वाहनों को जबरन रोकना तथा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि सत्ताधारी दल पूरी तरह डरा हुआ है।
- संविधान प्रदत्त अधिकारों पर हमला: उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक, राजनीतिक दल और संगठन को शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करने और सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने का लोकतांत्रिक अधिकार देता है।
- प्रशासन का दुरुपयोग: सरकारी तंत्र के माध्यम से विरोध की आवाज़ को दबाने के प्रयासों को उन्होंने लोकतंत्र के मूल्यों पर सीधा कुठाराघात बताया।
- “सत्ता से विदाई तय”: उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेतृत्व को अब यह स्पष्ट आभास हो चुका है कि उनकी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और अब उनका सत्ता में अधिक दिन टिकना संभव नहीं है।
पृष्ठभूमि और राजनीतिक सरगर्मी
राजधानी दिल्ली में CJP के आह्वान पर प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। दिल्ली की सीमाओं पर बैरिकेडिंग, ड्रोन से निगरानी, इंटरनेट सेवाओं पर आंशिक पाबंदी और यातायात पर कड़ी चेकिंग की जा रही है।
जहाँ एक ओर प्रशासन और पुलिस बल इसे कानून-व्यवस्था व जनसुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम बता रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख के इस तीखे बयान ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है। विपक्षी दल लगातार सरकार के इस रवैये को अलोकतांत्रिक बताते हुए आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं।
