सोल
रेंज 54 किमी तक बढ़ाने की तैयारी, ड्रोन हमलों से बचाव के लिए एडवांस सिस्टम; चीन-पाकिस्तान को मिलेगा कड़ा जवाब
सोल: दक्षिण कोरिया अपनी मशहूर 155 मिमी स्वचालित तोप K9 थंडर को और ज्यादा ताकतवर बनाने में जुटा है। हनवहा एयरोस्पेस द्वारा बनाई जा रही इस तोप को आधुनिक युद्ध की जरूरतों के हिसाब से अपग्रेड किया जा रहा है, खासकर ड्रोन और काउंटर-अटैक से बचाव के लिए।
रेंज 40 से बढ़कर 54 किमी होगी
अपग्रेड के तहत K9 तोप की मारक क्षमता 40 किमी से बढ़ाकर 54 किमी तक की जाएगी। इससे यह लंबी दूरी तक सटीक हमले करने में सक्षम होगी और दुश्मन के रडार से बचते हुए ऑपरेशन कर सकेगी। नई K9 तोप को केवल 3 लोग—कमांडर, गनर और ड्राइवर—ऑपरेट कर सकेंगे। इसमें ऑटो-लोडर सिस्टम होगा जो एक बार में 40 गोले ले जा सकेगा, जबकि अतिरिक्त 8 गोले मैगजीन में रहेंगे। ड्रोन और हमलों से सुरक्षा के लिए नए सिस्टम
अपग्रेडेड K9 में कई आधुनिक सुरक्षा फीचर्स जोड़े जाएंगे:
लेजर बीम वार्निंग सिस्टम
ड्रोन जैमर
एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम
ये सिस्टम दुश्मन के ड्रोन और मिसाइल हमलों से तोप की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
K9 वज्र तोप की खासियत है कि यह लद्दाख की बर्फीली ठंड से लेकर राजस्थान की भीषण गर्मी तक हर परिस्थिति में काम कर सकती है। भारत में इसका निर्माण लार्सन एंड टुब्रो (L&T) द्वारा दक्षिण कोरिया के सहयोग से किया जा रहा है। यह तोप बेहद तेज है और केवल 15 सेकंड में 3 गोले दाग सकती है। एक गोले का वजन करीब 47 किलोग्राम होता है, जो दुश्मन के ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाने में सक्षम है।
भारत खरीद सकता है 200 नई K9 वज्र तोप
भारत पहले ही 200 K9 वज्र तोप अपने बेड़े में शामिल कर चुका है और अब 200 और खरीदने की योजना पर विचार कर रहा है। अगर यह सौदा होता है, तो भारत के पास कुल 400 K9 तोप हो जाएंगी। भारत चाहता है कि इस डील में ज्यादा से ज्यादा तकनीक का ट्रांसफर हो और दोनों देश मिलकर हथियारों का निर्माण और डिजाइन करें। इसके साथ ही एयर डिफेंस सिस्टम और एंटी-एयरक्राफ्ट गन पर भी बातचीत चल रही है। पाकिस्तान पहले ही चीन से लंबी दूरी की तोपें खरीद चुका है। ऐसे में K9 की बढ़ी हुई ताकत भारत को चीन और पाकिस्तान के खिलाफ रणनीतिक बढ़त दिला सकती है।
