मुंबई
वैश्विक अस्थिरता के बीच 2030 तक $5,000 छूने का अनुमान
मुंबई NEWS UPDATE। दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के बीच निवेशकों के लिए सोना एक बार फिर सबसे भरोसेमंद ठिकाना बनकर उभरा है। शीर्ष वित्तीय संस्थानों के विश्लेषकों का दावा है कि सोने की कीमतों में मजबूती का यह सिलसिला अगले कई वर्षों तक जारी रहेगा।
2026 तक जारी रहेगी तेजी
विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध की स्थितियां, ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की तलाश में सोने की ओर धकेल दिया है। अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोने को निरंतर समर्थन मिलता रहेगा, जिससे इसकी कीमतों में गिरावट की संभावना बेहद कम है।
एक साल में 47 फीसदी का शानदार रिटर्न
पिछले एक साल के आंकड़े सोने की ताकत को बयां करते हैं:
मार्च 2025: 3,019 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस
मार्च 2026: 4,447 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस
कुल उछाल: मात्र एक वर्ष में 47% की प्रभावशाली वृद्धि।
कीमतें बढ़ने के मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों ने सोने की इस रिकॉर्ड तोड़ तेजी के पीछे चार प्रमुख कारकों को जिम्मेदार माना है:
1. भू-राजनीतिक संघर्ष: विभिन्न देशों के बीच बढ़ता तनाव।
2. केंद्रीय बैंकों की रणनीति: वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की भारी मात्रा में खरीदारी।
3. खुदरा मांग: आम निवेशकों और गहना बाजार में बढ़ती दिलचस्पी।
4. आर्थिक अस्थिरता: महंगाई और मुद्रा की कीमतों में अस्थिरता।
भविष्य का लक्ष्य: 5,000 डॉलर का आंकड़ा
लंबी अवधि के दृष्टिकोण पर गौर करें तो विश्लेषकों का अनुमान है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां और मांग इसी तरह बनी रहीं, तो 2030 तक सोना 5,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के ऐतिहासिक स्तर को छू सकता है। हालांकि, यह पूरी तरह से वैश्विक आर्थिक नीतियों और भविष्य की मांग पर निर्भर करेगा।

