नई दिल्ली
“दिमाग में बस एक ही बात थी—न्याय होना चाहिए और वो न्याय हम दिलाएंगे”, ऑपरेशन लीड कर रहे सेना अधिकारी का बयान
नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले के दोषियों को खत्म करने के लिए भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत एक बड़ा संयुक्त अभियान चलाया। इस मिशन का नेतृत्व कर रहे सेना अधिकारी ने बताया कि ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन आखिरकार सेना ने सफलता हासिल करते हुए सभी आतंकियों को मार गिराया।
हमले के तुरंत बाद शुरू हुआ ऑपरेशन
अधिकारी के अनुसार, पहलगाम हमले के तुरंत बाद ही सुरक्षा बलों ने सर्च और ट्रैकिंग ऑपरेशन शुरू कर दिया था। शुरुआती स्तर पर ही आतंकियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी, जबकि ऑपरेशन का निर्णायक चरण जुलाई 2025 के पहले हफ्ते में शुरू किया गया।
90 दिनों तक लगातार पीछा, फिर मिली सफलता
करीब 90 दिनों तक लगातार पीछा करने के बाद 28 जुलाई 2025 को सेना को बड़ी सफलता मिली। इस दिन ऑपरेशन महादेव के तहत सभी आतंकियों को मार गिराया गया, जो इस हमले में शामिल थे। आतंकियों को ट्रैक करने के लिए सेना ने ह्यूमन इंटेलिजेंस, टेक्निकल इंटेलिजेंस, सर्विलांस और स्थानीय इनपुट्स का समन्वय किया। ड्रोन, कैमरे और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से आतंकियों की हर गतिविधि पर नजर रखी गई।
पहाड़ और जंगल बने चुनौती
आतंकी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे और पहाड़ी, घने जंगलों व ऊंचाई वाले इलाकों का फायदा उठा रहे थे। ये इलाके इतने कठिन थे कि वहां लंबे समय तक छिपे रहना संभव था। हालांकि, सुरक्षा बलों के लगातार दबाव के कारण आतंकियों की मूवमेंट सीमित हो गई थी।
“न्याय दिलाना ही था लक्ष्य”
ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे अधिकारी ने कहा, “हमारे दिमाग में सिर्फ एक ही बात थी—न्याय होना चाहिए और वो न्याय हम दिलाएंगे।” इसी संकल्प के साथ सेना ने ऑपरेशन को अंजाम दिया और आखिरकार मिशन को सफल बनाया। ऑपरेशन महादेव भारतीय सेना की रणनीति, धैर्य और तकनीकी क्षमता का एक मजबूत उदाहरण बनकर सामने आया है, जिसने कठिन परिस्थितियों में भी आतंक के खिलाफ निर्णायक जीत दर्ज की।
