इन्दौर
मर्मस्पर्शी मिसाल –
इन्दौर एक मर्मस्पर्शी घटनाक्रम में पांच बेटियों ने न केवल अपनी मां की अर्थी को कंधा दिया, बल्कि उनकी अंतिम इच्छा अनुसार उनकी देहदान भी की। घटना इन्दौर के सुदामा नगर की है जहां उनस्सी वर्षीय संतोष वर्मा के निधन के बाद उनकी बेटियों ने यह ममता, संस्कार और समाज सेवा की मिसाल कायम की। शासन की ओर से इस काम के लिए स्व. संतोष वर्मा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। प्राप्त जानकारी अनुसार संतोष वर्मा के पति रविशंकर वर्मा का निधन करीब चालीस साल पहले हो गया था। उनके कोई बेटा नहीं था और पांच बेटियां मृदुला चौधरी, कुमुदिनी महालहा, कीर्ति वर्मा, वंदना वर्मा और मयूरी गालर है। कल जब संतोष वर्मा ने अंतिम सांस ली तो पांचों बहनों ने आपसी सहमति से यह निर्णय लिया जिसके अनुसार उन्होंने ही अपनी मां की शवयात्रा को कांधा दिया। बेटी मृदुला के अनुसार हमें मां ने शुरू से ही काफी अच्छे संस्कार दिए। एक-एक कर जब पांचों बेटियों की शादी हो गई तो वह खुद ही अकेले रहती थीं और सारे काम कर लेती थीं। दस साल से सभी बेटियों ने उन्हें अलग-अलग दौर में अपने साथ रखा और खूब सेवा की। कुछ साल से वह पूरी तरह व्हीलचेयर पर ही थीं। अपने अंतिम समय में वे बड़ी बेटी कुमुदिनी के पास थीं। तथा एक हफ्ते से बीमार थीं। सोमवार को उनके निधन के बाद सभी बहनों ने आपसी सहमति से यह निर्णय लिया और इस मार्मिक क्षण में पांचों बेटियों ने अपनी मां की अर्थी को कंधा दे अंत्येष्टि क्रिया गायत्री परिवार की परंपरा अनुसार प्रतीकात्मक रूप से हवन और मंत्रोच्चार के माध्यम से कर उनकी आंखें इंडेक्स मेडिकल कॉलेज को और देह मेडिकल रिसर्च सेंटर को दान की गई।
