भोपाल
15 हजार नियमित छात्र बने ‘स्वाध्यायी’, मचा हड़कंप, पूरे साल फीस भरकर पढ़े छात्रों को अंकसूची में ‘प्राइवेट’ दिखाया गया
छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी, मंडल की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
भोपाल। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) के 10वीं और 12वीं के इस वर्ष घोषित परीक्षा परिणामों में एक गंभीर गड़बड़ी सामने आई है, जिसने शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है। प्रदेशभर के करीब 15 हजार छात्रों को, जो पूरे साल स्कूलों में नियमित रूप से पढ़ाई कर ‘रेगुलर’ छात्र के रूप में पंजीकृत थे, उनकी डिजिटल अंकसूची में ‘स्वाध्यायी’ (प्राइवेट) घोषित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, इन छात्रों ने नियमित छात्र के रूप में प्रवेश लिया था और निर्धारित फीस व परीक्षा शुल्क भी जमा किया था। इसके बावजूद जब उन्होंने ऑनलाइन अंकसूची देखी, तो खुद को ‘स्वाध्यायी’ के रूप में दर्ज पाकर हैरान रह गए। इस गड़बड़ी से छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि इस तरह की त्रुटि से न केवल छात्रों की शैक्षणिक पहचान प्रभावित होती है, बल्कि आगे की पढ़ाई और प्रवेश प्रक्रिया में भी परेशानी खड़ी हो सकती है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह लापरवाही मंडल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। वहीं, कई स्कूल प्रबंधन भी इस मुद्दे को लेकर चिंतित हैं और जल्द सुधार की मांग कर रहे हैं। मामले के तूल पकड़ने के बाद अब सभी की नजरें मंडल की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि MP बोर्ड जल्द ही इस त्रुटि को सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
