ग्वालियर।
स्वास्थ्य योजनाओं में ढिलाई अब महंगी पड़ने लगी है। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए तीन अधिकारियों के खिलाफ बर्खास्तगी का प्रस्ताव और एक अधिकारी का 15 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। डबरा के सीबीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश हुए। बैठक में साफ संदेश दिया गया—टारगेट से समझौता नहीं होगा।
कलेक्टर रुचिका सिंह चौहान के निर्देशन में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक की समीक्षा अपर कलेक्टर कुमार सत्यम ने की। उन्होंने 17 फरवरी से 23 मार्च तक चलने वाले दस्तक अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि 9 माह से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों की ड्यू-लिस्ट हर हाल में तैयार रहे, एक भी बच्चा छूटना नहीं चाहिए।
पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) की समीक्षा में मोहना और ठाठीपुर केंद्रों में कम भर्ती पर नाराजगी जताई गई। सहायक महिला एवं बाल विकास अधिकारी राहुल पाठक को दोनों एनआरसी में अधिक से अधिक बच्चों को भर्ती कराने के निर्देश दिए गए।
एएनसी अनमोल पंजीकरण और अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों में लापरवाही पर मेहगांव-भितरवार के सीएचओ कृष्णकांत धाकड़ के खिलाफ सेवा से बर्खास्त करने और वेतन रोकने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डबरा ब्लॉक में पंजीयन कम पाए जाने पर सीबीएमओ डॉ. त्यागी को नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए। पाटई क्षेत्र में भी कम रजिस्ट्रेशन पर नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए गए।
शहरी क्षेत्र में एलडीसीएमआईएस पंकज गांधी पर सुपरविजन में लापरवाही और बैठकों में अनुपस्थित रहने के कारण सेवा से बर्खास्तगी का प्रस्ताव भेजने तथा “काम नहीं तो वेतन नहीं” के आधार पर वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। अर्बन एपीएम धर्मेंद्र राणा के खिलाफ भी बर्खास्तगी और वेतन रोकने की कार्रवाई के आदेश हुए।
मलेरिया कार्यक्रम की प्रगति संतोषजनक पाई गई, लेकिन टीबी मरीजों के कम एक्स-रे पर नाराजगी जताई गई। 70 वर्ष से अधिक आयु के आयुष्मान कार्ड का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए गए। हस्तिनापुर ब्लॉक में हीमोग्लोबिन जांच स्ट्रिप अनटाइड फंड से न खरीदने और अन्य कार्यक्रमों में कमजोर उपलब्धि पर सीबीएमओ पारासर का 15 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सचिन श्रीवास्तव सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
