TET से परेशान शिक्षक सड़कों पर, सेवा के आधार पर नियमितीकरण की मांग

डबरा/भितरवार

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म प्र शिक्षक संघ ने सीएम के नाम तहसीलदार को सोपा ज्ञापन

भितरवार। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के विरोध में मध्य प्रदेश शिक्षक संघ ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार धीरज सिंह परिहार को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन जिला अध्यक्ष बेदपाल परमार के नेतृत्व में दिया गया, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक एवं संघ के पदाधिकारी शामिल हुए।

ज्ञापन के माध्यम से संघ ने प्रदेश सरकार से TET की अनिवार्यता को समाप्त करने या इसमें आवश्यक संशोधन करने की मांग की। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से कार्यरत अतिथि एवं संविदा शिक्षक पहले ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं, ऐसे में बार-बार परीक्षा की बाध्यता उनके लिए मानसिक और आर्थिक परेशानी का कारण बन रही है। उन्होंने कहा कि कई वर्षों का अनुभव रखने वाले शिक्षकों को दोबारा परीक्षा देने के लिए मजबूर करना न्यायसंगत नहीं है।

जिला अध्यक्ष बेदपाल परमार ने कहा कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ होते हैं और उनके साथ इस प्रकार का व्यवहार उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि अनुभव और सेवा अवधि को आधार मानते हुए शिक्षकों को नियमित किया जाए, न कि बार-बार परीक्षाओं के माध्यम से उन्हें अस्थिरता में रखा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द ही इस विषय पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

इस दौरान संघ के अन्य पदाधिकारियों ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि TET की वर्तमान व्यवस्था से हजारों शिक्षकों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षकों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है, जिससे उनमें असंतोष बढ़ता जा रहा है। शिक्षकों ने एक स्वर में मांग की कि उनकी सेवाओं को स्थायी किया जाए और TET जैसी बाधाओं को हटाया जाए।

ज्ञापन सौंपने के दौरान तहसील कार्यालय परिसर में कुछ समय के लिए हलचल का माहौल बना रहा। हालांकि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और प्रशासन ने भी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए ज्ञापन प्राप्त किया। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि शिक्षकों की मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा और उचित कार्रवाई के लिए प्रयास किए जाएंगे।

अंत में संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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