पश्चिम एशिया में बने भू-राजनैतिक तनाव पर रहेगी ‎निवेशकों की नजर

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मुंबई

आर्थिक आंकड़े और उद्योग रिपोर्टें भी निवेशकों के निर्णयों को प्रभावित करेंगी
पिछले सप्ताह घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली और आने वाले सप्ताह में निवेशकों की निगाहें पश्चिम एशिया में बने भू-राजनैतिक तनाव पर रहेंगी। 28 फरवरी की सुबह अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त सैन्य कार्रवाई करते हुए ईरान पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और अमेरिका के कुछ ठिकानों सहित पश्चिम एशिया के अन्य देशों पर हमले किए। निवेशक इस बात पर ध्यान देंगे कि क्षेत्रीय परिस्थितियां कैसे बदलती हैं और इन हमलों का वैश्विक अर्थव्यवस्था तथा भारतीय बाजारों पर क्या असर होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की भू-राजनैतिक घटनाओं के कारण निवेशक जोखिम-से-विमुख रुख अपना सकते हैं। तेल की कीमतों में तेजी आने की संभावना है, जिससे ऊर्जा और पेट्रोलियम क्षेत्र के शेयर प्रभावित हो सकते हैं। वैश्विक बाजारों में दबाव बढ़ने की स्थिति में भारतीय शेयर बाजार में भी नकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। 27 फरवरी को जारी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत देंगे। इसके अलावा फरवरी के विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के पीएमआई आंकड़े, जनवरी का औद्योगिक उत्पादन और वाहन बिक्री के आंकड़े आने वाले सप्ताह में जारी होंगे। ये आंकड़े भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिति, उपभोक्ता मांग और उत्पादन गतिविधियों को दर्शाएंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि इस सप्ताह बाजार पर सबसे बड़ा दबाव भू-राजनैतिक तनाव का रहेगा। आर्थिक आंकड़े और उद्योग रिपोर्टें भी निवेशकों के निर्णयों को प्रभावित करेंगी, लेकिन उनका असर अधिकतर चयनित सेक्टरों तक सीमित रहेगा। निवेशक विशेष रूप से तेल, रक्षा, बैंकिंग और उपभोक्ता आधारित शेयरों पर नजर रखेंगे।

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