पीतांबरा पीठ प्रबंधन ने अप्रमाणित हवन और डिजिटल पूजा से सावधान रहने की अपील

दतिया
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श्री पीताम्बरा पीठ दतिया से जुड़े आचार्य विष्णुकांत मुड़िया, व्यवस्थापक महेश दुबे एवं पुजारी पंडित हरगोविंद गोस्वामी ने संयुक्त रूप से प्रेस नोट जारी कर धर्म के नाम पर फैल रही अप्रमाणित साधना पद्धतियों और कथित ठगी की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
प्रेस नोट में स्पष्ट किया गया कि शास्त्रों में वर्णित हवन का कोई प्रमाण “मिर्ची हवन” जैसे रूप में नहीं मिलता और यह परंपरागत गुरु परंपरा का हिस्सा भी नहीं है। आचार्य विष्णुकांत मुड़िया ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां भ्रामक हैं और श्रद्धालुओं को गुमराह करती हैं।
पंडित हरगोविंद गोस्वामी ने बताया कि पूजा-पाठ की शास्त्रीय प्रक्रिया निर्धारित होती है, जिसमें जप-पाठ पूर्ण होने के बाद ही हवन, तर्पण, मार्जन और ब्राह्मण भोजन जैसे अनुष्ठान किए जाते हैं।
व्यवस्थापक महेश दुबे ने चेतावनी दी कि कुछ असामाजिक तत्व श्रद्धालुओं को भ्रमित कर रहे हैं और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही डिजिटल माध्यम से की जाने वाली अप्रमाणित पूजा से भी सावधान रहने की अपील की गई है।
प्रेस नोट में ऑनलाइन ठगी के मामलों पर भी प्रतिक्रिया देते हुए “श्री मंदिरम्” जैसे माध्यमों पर श्रद्धा के नाम पर हो रही कथित ठगी की कड़ी निंदा की गई। इस दौरान आचार्य विष्णुकांत मुड़िया, महेश दुबे, पंडित हरगोविंद गोस्वामी, सेवक उमाशंकर खंडडर, सुमित पांडे और मनोज मुद्गल उपस्थित रहे।

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