ग्वालियर
सरकारी नौकरी वाले लड़कों की लग रही बोली
ग्वालियर (NEWS UPDATE): NCRB Report 2024 के चौंकाने वाले आंकड़े: मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में महिला अपराधों में भारी उछाल। दहेज हत्या में मुरैना और घरेलू हिंसा में ग्वालियर प्रदेश में सबसे आगे।
नोएडा की दो बेटियों ट्विशा शर्मा और दीपिका नागर के केस ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दहेज के लिए महिलाओं को प्रताड़ित करने के मामले थम नहीं रहे हैं। हालाकि सरकार ने महिला अपराधों को रोकने कानून को कसा भी है।
फिर भी ग्वालियर-चंबल अंचल में तस्वीर चिंताजनक है। नेशनल क्राइम रेकार्ड व्यूरो (एनसीआरबी) की हालिया रिपोर्ट बताती है कि दहेज के लिए महिलाओं को जान से मारने में मुरैना और घरेलू हिंसा में ग्वालियर प्रदेश में सबसे आगे है।
इन केसों की स्टडी से एक बात और सामने आई है कि अगर लड़का सरकारी सेवा में है तो उसकी बोली लगना आम बात है। लड़के वाले मुंह मांगा दहेज मांगते हैं।
सरकारी नौकरी वाले लड़कों की लग रही ‘बोली’
इन मामलों की केस स्टडी से एक बेहद चिंताजनक सामाजिक कड़वी सच्चाई सामने आई है। यदि लड़का सरकारी सेवा में है, तो शादी के बाजार में उसकी ‘बोली’ लगना आम बात हो गई है। लड़के के परिवार वाले लड़की पक्ष से मुंह मांगा दहेज, महंगी गाड़ियां और कैश की डिमांड करते हैं।
पैसा, गाड़ी और गहने बने ‘स्टेटस सिंबल’
NCRB की 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले मुरैना जिले में दहेज के कारण 25 महिलाओं की हत्या की गई या उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया।
