ग्वालियर का साडा क्षेत्र बनेगा नया औद्योगिक हब : सिंधिया

ग्वालियर

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271 एकड़ में उद्योग स्थापना की तैयारी, बेहतर कनेक्टिविटी और वेस्टर्न बायपास से निवेश को बढ़ावा, पत्रकार वार्ता में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी रहे मौजूद

ग्वालियर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) को भविष्य के औद्योगिक और अधोसंरचनात्मक हब के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया है कि साडा क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
साडा के नव नियुक्त अध्यक्ष अशोक शर्मा ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री सिंधिया से मुलाकात कर क्षेत्र के विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की है। सिंधिया के मार्गदर्शन में साडा का चहुंमुखी विकास किया जाएगा, जिसमें औद्योगिक निवेश, अधोसंरचना विस्तार और रोजगार सृजन प्रमुख प्राथमिकताएं रहेंगी।
अशोक शर्मा ने कहा कि भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने के लिए वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि साडा क्षेत्र में देश की प्रमुख केंद्रीय संस्थाओं और बड़ी कंपनियों को लाने के प्रयास शुरू किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र में निवेश बढ़े और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने साडा की संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा कि ग्वालियर के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, जो इसे निवेश के लिए उपयुक्त बनाती है। दिल्ली से बेहतर कनेक्टिविटी, आगरा एक्सप्रेस-वे और प्रस्तावित वेस्टर्न बायपास के कारण आने वाले समय में यहां आवागमन और आसान होगा, जिससे उद्योगों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि केंद्र स्तर पर दूरसंचार कंपनियों से बातचीत जारी है, जो लगभग 271 एकड़ भूमि लेकर बड़े पैमाने पर उपकरण निर्माण इकाइयां स्थापित करने को तैयार हैं। इसके साथ ही रक्षा मंत्रालय से अर्धसैनिक बलों के प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा जाएगा।
पत्रकार वार्ता में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी उपस्थित रहे। उन्होंने साडा क्षेत्र के विकास को ग्वालियर के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
सिंधिया ने कहा कि वेस्टर्न बायपास के निर्माण से बड़ी संख्या में उद्योगपति और कंपनियां साडा क्षेत्र की ओर आकर्षित होंगी। आगरा-ग्वालियर नए एक्सप्रेस-वे से वेस्टर्न बायपास की दूरी मात्र 6 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे दिल्ली से सीधा और तेज संपर्क संभव होगा।

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