विश्वविद्यालय केवल शिक्षा के नहीं, राष्ट्र निर्माण के भी केंद्र होते हैं” – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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ग्वालियर में ऋषि गालव विश्वविद्यालय का भूमिपूजन, 110 करोड़ लागत से होगा निर्माण

राज्य सरकार देगी हरसंभव सहयोग, अगले वर्ष गुरुपूर्णिमा से सत्र शुरू करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा के केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रमुख स्थल भी होते हैं। ग्वालियर की ऐतिहासिक धरती पर स्थापित होने जा रहा ऋषि गालव विश्वविद्यालय नई पीढ़ी को संस्कार, संस्कृति और कौशल से सुसज्जित कर राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ग्वालियर के बेला गांव में आयोजित ऋषि गालव विश्वविद्यालय के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री एवं अतिथियों ने भूमिपूजन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया।

110 करोड़ की लागत से होगा निर्माण

मध्यभारत शिक्षा समिति द्वारा लगभग 55 बीघा भूमि पर 110 करोड़ रुपए की लागत से विश्वविद्यालय का निर्माण किया जाएगा। इसे तीन वर्षों में पूर्ण करने तथा 18 जुलाई 2027 से शैक्षणिक सत्र प्रारंभ करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विश्वविद्यालय सरकार और समाज के साझा प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा और राज्य सरकार इसके निर्माण में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।
भारतीय ज्ञान परंपरा के साथ आधुनिक शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा के साथ आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक की शिक्षा दी जाएगी। इसका उद्देश्य ऐसे युवाओं का निर्माण करना है, जो ज्ञानवान, चरित्रवान, नवाचारी और समाज के प्रति उत्तरदायी हों।
उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं और उच्च शिक्षा में भी कई नवाचार किए गए हैं, जिनमें भारतीय वेशभूषा में दीक्षांत समारोह आयोजित करना शामिल है।

प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में तात्या टोपे, क्रांतिसूर्य टंट्या भील और रानी अवंतीबाई लोधी के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। साथ ही सभी 55 जिलों में पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं।

चरित्र निर्माण और रोजगारपरक शिक्षा पर फोकस

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी ने कहा कि वास्तविक विकास वही है, जिसमें मनुष्य के साथ परिवेश का भी विकास हो। विश्वविद्यालय रोजगारपरक शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण पर भी विशेष ध्यान देगा।
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि शिक्षा का मुख्य उद्देश्य श्रेष्ठ जीवन मूल्यों की स्थापना है, जबकि संघचालक अशोक पाण्डे ने कहा कि केवल सैन्य शक्ति से नहीं, बल्कि शिक्षा और संस्कारों से देश महान बनता है।

मध्यभारत शिक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र बांदिल ने बताया कि विश्वविद्यालय में आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, प्रयोगशालाएं और छात्रावास बनाए जाएंगे।

इनकी रही प्रमुख उपस्थिति

कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद भारत सिंह कुशवाह, जयभान सिंह पवैया, महेंद्र सिंह यादव, अनूप मिश्रा, लाल सिंह आर्य, विवेक नारायण शेजवलकर, केशव सिंह बघेल, मधुसूदन सिंह भदौरिया, प्रेम सिंह राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, संत एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे।

ग्वालियर को मिलेगा नया शैक्षणिक आयाम

ऋषि गालव विश्वविद्यालय की स्थापना से ग्वालियर को शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी और यह संस्थान प्रदेश में उच्च शिक्षा एवं संस्कार आधारित शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनेगा।

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