श्योपुर
मंदिरों पर लगा भक्तों का तांता
श्योपुर। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर गुरूवार को मंदिरों व घरों में विधि-विधान से घट स्थापना की गई। इसके साथ ही शक्ति की भक्ति का नवरात्र पर्व शुरू हो गया। मंदिरों में श्रद्धालुओं की विशेष चहल-पहल के बीच कहीं रामचरित मानस की चौपाइयां तो कहीं दुर्गा सप्तशती पाठ के आयोजन से समूचा माहौल धर्ममय हो गया है। नवरात्र पर्व के पहले दिन सुबह से ही देवी मंदिरों पर श्रद्धालुओं ने पहुंचना शुरू कर दिया। शहर के हजारेश्वर उद्यान स्थित दुर्गामाता मंदिर, सुबात कचहरी स्थित राजराजेश्वरी आनंदी माता मंदिर पर देवी प्रतिमा को नई पोशाक धारण कराकर सोना-चांदी के आभूषणों से श्रृंगारित किया गया। इन मंदिरों में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। वहीं शहर के विभिन्न मंदिरों में अखंड रामायण पाठ के आयोजन प्रारंभ किए गए। इसके अलावा दुर्गापुरी स्थित दुर्गामाता मंदिर पर दोपहर 12 बजे अभिजित मुहूर्त में घट स्थापना की गई। इधर जाटखेड़ा माता मंदिर, बड़ौदा की बीजासन माता, कराहल स्थित पनवाड़ा माता मंदिर, पानड़ी के देवी मंदिर पर दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
हिंदू नव वर्ष के स्वागत में आयोजित हुए कार्यकम
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर रविवार को विक्रम नवसंवत्सर 2083 शुरू होगा गया है। शहर में हिंदू नव वर्ष के स्वागत में हिंदू संगठन एवं सामाजिक संगठनों द्वारा भिन्न-भिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। शहर के प्रमुख मंदिर देव स्थानों पर सुबह से शाम तक धार्मिक कार्यक्रम चलते रहे। लोगों द्वारा नव वर्ष की अगवानी के लिए घरों भी केसरिया ध्वज लगाए गए। दिनभर हिन्दू नववर्ष की बधाई देने का सिलसिला जारी रहा।
भव्य सजावट से रोशन हुआ राम मंदिर
शहर के किला सोनघटा में स्थित प्रसिद्ध श्रीराम जानकी मंदिर को रामनवमी से पूर्व भव्य सजावट से सराबोर कर दिया है। नौ दिनो तक मंदिर पर बड़ी संख्या में रामभक्तो का जमावडा जुटेगा। महंत श्रीरामभरोसे महाराज के सानिध्य में श्रीराम नवमी उत्सव की तैयारियां भी युद्ध स्तर पर जारी है एवं श्रीराम जन्म उत्सव को लेकर मंदिर को दुल्हन की तरह सजा दिया गया है।
