डबरा,
डबरा (HRIDAY STAMBH);
दीपावली के पावन पर्व को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए ग्वालियर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है। इसी क्रम में, डबरा शहर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए स्थानीय अग्रवाल धर्मशाला में छापा मारकर लगभग 3 लाख रुपये मूल्य की अवैध आतिशबाजी (पटाखों) का जखीरा बरामद किया है। इस कार्रवाई से शहर में बिना लाइसेंस और अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री का भंडारण करने वाले कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्वालियर पुलिस अधीक्षक (SP) धर्मवीर सिंह यादव द्वारा त्योहारी सीजन के मद्देनजर अवैध पटाखों और बारूद के भंडारण के खिलाफ सख्त निर्देश दिए गए हैं।
इसी कड़ी में डबरा शहर थाना प्रभारी संजय शर्मा को एक मुखबिर से गुप्त सूचना मिली थी कि शहर के व्यस्त इलाके में स्थित अग्रवाल धर्मशाला के एक कमरे में भारी मात्रा में अवैध पटाखे छिपाकर रखे गए हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बिना देर किए प्रशासनिक अमले के bसाथ मिलकर एक संयुक्त छापामार कार्रवाई की योजना बनाई।
प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त दबिश
सूचना मिलते ही अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) सौरभ कुमार और तहसीलदार नवीन भारद्वाज के मार्गदर्शन में पुलिस बल ने अचानक अग्रवाल धर्मशाला पर दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान धर्मशाला के प्रबंधक रमेश जोशी को मौके पर बुलाया गया। उनकी मौजूदगी में संदिग्ध कमरे का ताला खुलवाकर जब तलाशी ली गई, तो वहां रखी बोरियों और गत्तों से भारी मात्रा में अवैध आतिशबाजी बरामद हुई। पुलिस ने मौके से h 3 लाख रुपये कीमत के पटाखों को अपने कब्जे में ले लिया है।
किराए के कमरे में चल रहा था अवैध भंडारण
प्रारंभिक पूछताछ और जांच में यह बात सामने आई है कि अग्रवाल धर्मशाला का यह कमरा निलेश जोशी और राजीव शर्मा नामक व्यक्तियों द्वारा किराए पर लिया गया था। ये दोनों ही बिना किसी वैध लाइसेंस या सुरक्षा मानकों के इस कमरे में अवैध रूप से बारूद और पटाखों का भंडारण कर रहे थे।
आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू
थाना प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि त्योहारों के सीजन में किसी भी संभावित बड़े हादसे (अग्निकांड) को टालने के लिए पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने जब्त की गई आतिशबाजी को थाने सुरक्षित भिजवा दिया है तथा संदेही आरोपियों—निलेश जोशी और राजीव शर्मा—के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम (Explosives Act) एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

