भिंड,
भिंड(HRIDAY STAMBH ); बेटे को पत्नी के सुपुर्द करने के बाद प्रेमिका को कानपुर घुमाने के बहाने ले गया आरोपी, एंबुलेंस चालक और साथी के साथ मिलकर रास्ते में की हत्या; पचनदा नदी में शव की तलाश जारी
भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़ा एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। यहां सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव ने अपनी लिव-इन पार्टनर स्नेहलता की कथित तौर पर हत्या कर उसके शव को उत्तर प्रदेश के पचनदा क्षेत्र में नदी में फेंक दिया। हत्या के बाद आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद ही सिटी कोतवाली पहुंचकर स्नेहलता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, उसने लापता होने की जानकारी वाला पर्चा भी छपवा लिया, ताकि किसी को उस पर संदेह न हो। हालांकि पुलिस की गहन पूछताछ और सख्ती के सामने उसकी पूरी साजिश उजागर हो गई। आरोपी ने पुलिस के सामने हत्या करना स्वीकार कर लिया है। पुलिस अब नदी में शव की तलाश कर रही है।
कॉलेज में हुई थी पहचान, लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे थे दोनों
पुलिस जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, बिहार निवासी स्नेहलता पेशे से नर्सिंग ऑफिसर थीं। उनकी पहचान सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव से कॉलेज में पढ़ाई के दौरान हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और संबंध प्रेम संबंध में बदल गए। इसके बाद दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इस रिश्ते से दोनों का एक बेटा भी हुआ।
बताया जा रहा है कि सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा था और उसकी पहली पत्नी से कोई संतान नहीं थी। इसके बावजूद उसने स्नेहलता के साथ संबंध बनाए और दोनों लंबे समय तक साथ रहे। हालांकि समय के साथ पारिवारिक परिस्थितियों और पहली पत्नी के साथ विवाद ने इस रिश्ते को तनावपूर्ण बना दिया।
8 अक्टूबर को बेटे को पत्नी के सुपुर्द किया
मामले में सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक, सत्यप्रकाश ने हत्या की साजिश को अंजाम देने से पहले 8 अक्टूबर को अपने बेटे को पहली पत्नी के सुपुर्द कर दिया था। इसके बाद उसने स्नेहलता को कानपुर घुमाने के बहाने साथ चलने के लिए तैयार किया।
आरोप है कि सत्यप्रकाश इस पूरी योजना में अकेला नहीं था। वह स्नेहलता को लेकर एंबुलेंस चालक राजवीर खन्ना और अपने एक अन्य साथी के साथ निकला। रास्ते में आरोपियों ने कथित तौर पर स्नेहलता की हत्या कर दी। इसके बाद शव को उत्तर प्रदेश के पचनदा क्षेत्र में नदी में फेंक दिया गया।
हत्या के बाद खुद थाने पहुंचा, गुमशुदगी की कहानी बनाई
हत्या के बाद सत्यप्रकाश ने पुलिस को गुमराह करने के लिए सुनियोजित तरीके से अगला कदम उठाया। वह खुद सिटी कोतवाली थाने पहुंचा और स्नेहलता के लापता होने की लिखित सूचना दी। उसने पुलिस के सामने इस तरह घटनाक्रम पेश किया, जिससे लगे कि स्नेहलता अचानक कहीं चली गई हैं और उनका कोई पता नहीं चल रहा है।
आरोपी ने अपनी कहानी को विश्वसनीय बनाने के लिए स्नेहलता के लापता होने से संबंधित पर्चे भी छपवा लिए थे। उसका मकसद पुलिस और अन्य लोगों का ध्यान हत्या की आशंका से हटाकर गुमशुदगी की तलाश की ओर ले जाना था।
पुलिस की पूछताछ में टूट गई आरोपी की चाल
शुरुआत में आरोपी ने गुमशुदगी की कहानी के जरिए पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने मामले की परिस्थितियों और सामने आए तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई। पूछताछ के दौरान सत्यप्रकाश के बयान और घटनाक्रम में सामने आए विरोधाभासों के आधार पर पुलिस का संदेह गहराता गया।
पुलिस की सख्ती से पूछताछ के बाद आरोपी ने कथित तौर पर स्नेहलता की हत्या करने और शव को पचनदा क्षेत्र में नदी में फेंकने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद मामले में हत्या की आशंका की पुष्टि हुई और पुलिस ने शव की तलाश के लिए कार्रवाई शुरू कर दी।
पचनदा नदी में शव की तलाश, अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच
आरोपी के खुलासे के बाद पुलिस टीम उत्तर प्रदेश के पचनदा क्षेत्र में नदी में स्नेहलता के शव की तलाश कर रही है। चूंकि शव को नदी में फेंके जाने की बात सामने आई है, इसलिए उसकी बरामदगी पुलिस के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या की साजिश में एंबुलेंस चालक राजवीर खन्ना और दूसरे साथी की क्या भूमिका रही। वारदात की पूरी योजना किसने बनाई, हत्या को किस स्थान पर अंजाम दिया गया और शव को नदी तक कैसे पहुंचाया गया, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना- जांच और शव की तलाश जारी
सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य के मुताबिक, एक युवती की हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोपी ने पूछताछ में हत्या करने और शव को नदी में फेंकने की बात स्वीकार की है। पुलिस टीम शव की तलाश कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
एक मां की हत्या और बच्चे का भविष्य बना सवाल
Bbइस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस महिला के साथ आरोपी लंबे समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहा और जिससे उसका एक बेटा भी हुआ, उसी की हत्या करने का आरोप उस पर लगा है। वारदात से पहले बच्चे को पहली पत्नी के पास छोड़ना और फिर गुमशुदगी की कहानी तैयार कर खुद थाने पहुंचना पुलिस की जांच में सामने आए घटनाक्रम के अहम पहलू हैं।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता स्नेहलता के शव को बरामद करना और हत्या में शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट करना है। शव मिलने के बाद पोस्टमार्टम और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
