दीपावली से पहले छोटे दुकानदारों पर मंडराया रोजी-रोटी का संकट,

शिवपुरी

 

शिवपुरी:

शिवपुरी(HRIDAY STAMBH);प्रकाश का पर्व दीपावली जैसे-जैसे करीब आ रहा है, वैसे-वैसे शिवपुरी के छोटे व्यापारियों, हाथ ठेला चालकों और सड़क किनारे अस्थायी दुकान लगाने वाले परिवारों की चिंताएं गहराती जा रही हैं। दीपावली के इस मुख्य व्यावसायिक सीजन में अपने परिवार का भरण-पोषण करने की उम्मीद लगाए बैठे इन छोटे दुकानदारों के सामने अब आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

​प्रशासनिक सख्ती और वर्तमान स्थान से हटाए जाने की आशंका के चलते पीड़ित दुकानदारों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया और कलेक्टर की जनसुनवाई में एक सामूहिक आवेदन प्रस्तुत किया।

​2 महीने की अस्थायी अनुमति की माँग

​आवेदन के माध्यम से दुकानदारों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि दीपावली, धनतेरस, भाईदूज और आगामी त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए उन्हें पूर्व निर्धारित स्थान पर कम से कम दो महीने (2 माह) के लिए हाथ ठेले व छोटी टेबल लगाकर अस्थायी दुकानें संचालित करने की स्वीकृति प्रदान की जाए।

​7 साल पुराना पुनर्वास और वर्तमान स्थिति

​जनसुनवाई में आए दुकानदारों ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से नगर के गर्ल्स स्कूल के पास स्थित टेकरी रोड क्षेत्र में हाथ ठेले लगाकर पूजन सामग्री, दीये, सजावटी सामान व कपड़े बेचकर अपने परिवार का गुजर-बसर करते आ रहे हैं।

  • ​प्रशासनिक व्यवस्था: लगभग 7 वर्ष पूर्व अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान उन्हें पुराने स्थान से हटाया गया था, लेकिन प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें सड़क की दूसरी ओर व्यवस्थित रूप से दुकानें लगाने के लिए स्थान उपलब्ध कराया था।
  • ​वर्तमान संकट: अब उन्हें वर्तमान स्थान से भी हटने के निर्देश दिए जा रहे हैं, जिससे उनके सामने बेदखली का खतरा पैदा हो गया है।

​करोड़ों का सामान डंप, बेदखली से होगा भारी आर्थिक नुकसान

​दुकानदारों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि दीपावली के सीजन में अच्छी बिक्री की उम्मीद में उन्होंने अपनी जमा-पूंजी, बैंक लोन और रिश्तेदारों से कर्ज लेकर बड़ी मात्रा में त्योहार से संबंधित सामान खरीदा है। यदि इस समय उन्हें दुकानें लगाने से रोका गया, तो:

  1. ​खरीदा हुआ सामान डंप रह जाएगा और बिक नहीं पाएगा।
  2. ​वे कर्ज के भारी बोझ तले दब जाएंगे।
  3. ​परिवार के पालन-पोषण और बच्चों की पढ़ाई का संकट खड़ा हो जाएगा।

​”कोर्ट रोड से अलग है स्थान, नहीं प्रभावित होता यातायात”

​दुकानदारों ने प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष तर्क दिया कि उनका व्यावसायिक स्थल शहर के मुख्य कोर्ट रोड और अति-व्यस्त मार्गों से अलग हटकर है। टेकरी रोड पर दुकानें लगाने से यातायात में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे पूरी तरह अनुशासन में रहकर और सुगम आवागमन का ध्यान रखते हुए ही अपना व्यापार करेंगे।

​दुकानदारों की मुख्य मांगें

  • ​त्योहारों के मद्देनजर 2 महीने की अस्थायी स्वीकृति दी जाए।
  • ​पूर्व में आवंटित स्थान पर ही हाथ ठेले व टेबल लगाने की छूट मिले।
  • ​किसी भी प्रकार की दंडात्मक या बेदखली की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।

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