शिवपुरी,
शिवपुरी(HRIDAY STAMBH);मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में मेडिकल कॉलेज के पास स्थित सांदीपनी विद्यालय से शिक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाली खबर सामने आई है। विद्यालय की 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा ने अपने ही शिक्षक पर अमर्यादित टिप्पणियां करने, बॉडी शेमिंग और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित छात्रा का कहना है कि स्कूल के शिक्षक आकाश शर्मा लंबे समय से उसके शारीरिक बनावट को लेकर भद्दे ताने मार रहे थे और चरित्र हनन करने जैसी टिप्पणियां कर रहे थे।
शिकायत करने पर प्रिंसिपल ने दी धमकी, सीसीटीवी बंद होने का दिया हवाला
शिक्षक की हरकतों से तंग आकर जब छात्रा ने अपने परिजनों को आपबीती बताई और पेरेंट्स-टीचर मीटिंग (PTM) के दौरान प्रिंसिपल कीर्ति गुप्ता से शिकायत की, तो न्याय मिलने के बजाय उसे उल्टे डांट-फटकार का सामना करना पड़ा। छात्रा का आरोप है कि प्रिंसिपल ने आरोपी शिक्षक का बचाव करते हुए उस पर शिकायत वापस लेने और आवेदन से नाम हटाने का दबाव बनाया।
दो दिन बाद जब छात्रा दोबारा शिकायत लेकर पहुंची, तो प्रिंसिपल ने उसके साथ जातिसूचक दुर्व्यवहार किया। छात्रा का दावा है कि प्रिंसिपल ने अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि वे अनुसूचित जाति से आते हैं और कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। साथ ही स्कूल के सीसीटीवी कैमरे बंद होने की धौंस देकर छात्रा को अपने कमरे से भगा दिया।
अन्य शिक्षकों पर भी चुप रहने का दबाव बनाने का आरोप
छात्रा ने अपने लिखित शिकायत पत्र में स्कूल के अन्य शिक्षकों पर भी संगीन आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि अन्य शिक्षकों ने भी उसे मुंह बंद रखने की चेतावनी दी और शिकायत आगे बढ़ाने पर भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने व देख लेने की धमकियां दीं। फिलहाल पीड़ित छात्रा और उसके परिजन इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सांदीपनी विद्यालय में 12वीं की छात्रा के साथ हुई बॉडी शेमिंग, मानसिक प्रताड़ना और प्रिंसिपल द्वारा जातिसूचक दुर्व्यवहार के मामले में पीड़िता ने अब न्याय के लिए जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। लगातार मिल रही धमकियों से भयभीत छात्रा ने जिला कलेक्टर कार्यालय और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) आकाश यादव को लिखित आवेदन सौंपकर दोषियों पर सख्त से सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की गुहार लगाई है।
शिकायत के दिनों बाद भी कार्रवाई शून्य, खड़े हो रहे कई सवाल
हैरानी की बात यह है कि शिक्षा के मंदिर में घटित इस गंभीर घटना और छात्रा द्वारा लिखित शिकायत दर्ज कराए जाने के कई दिन बीत जाने के बावजूद शिक्षा विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जिम्मेदार अफसरों की इस ढिलाई और मौन रवैये पर अब सवाल उठने लगे हैं।
एक तरफ जहां सरकार बेटियों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर शिवपुरी शिक्षा विभाग का इतने गंभीर मामले पर निष्क्रियां रहना प्रशासनिक संवेदनहीनता को दर्शाता है। पीड़िता और उसका परिवार फिलहाल न्याय के लिए भटक रहा है, वहीं हर किसी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जिला प्रशासन और डीईओ आकाश यादव इस मामले में क्या कड़ा एक्शन लेते हैं।
