भोजशाला ब्रेकिंग – कोर्ट के फैसले के बाद पहली बार की पूजा मुख्यमंत्री ने

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Dhar Bhojshala Case Verdict: 15 मई के युगांतकारी फैसले के बाद धार में सुरक्षा सख्त, जानिए कोर्ट के आदेश की बड़ी बातें

धार (ब्रेकिंग न्यूज़): मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (MP High Court) ने बीते 15 मई को सदियों पुराने विवाद पर अपना अंतिम और युगांतकारी फैसला सुनाया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि धार की भोजशाला मूल रूप से एक हिंदू मंदिर ही है, जिसके बाद से इस संपूर्ण परिसर पर कानूनी रूप से हिंदू समाज का अधिकार स्थापित हो गया है।

फैसले के बाद पहला दौरा: इस मील के पत्थर साबित हुए फैसले के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहली बार प्रत्यक्ष रूप से भोजशाला पहुंचे। उनके आगमन को लेकर धार में सुरक्षा के बेहद कड़े और पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

दिग्गजों का जमावड़ा

मुख्यमंत्री के इस दौरे में प्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर मौजूद रहे। दोनों बड़े नेताओं की एक साथ मौजूदगी ने इस दौरे के राजनैतिक और सांस्कृतिक महत्व को और बढ़ा दिया है।

कोर्ट ने इसे मूल रूप से ‘सरस्वती मंदिर’ (भोजशाला) माना है और पूर्व की व्यवस्थाओं को बदला है, लेकिन चूंकि यह एक ASI संरक्षित स्मारक (Protected Monument) है, इसलिए इसका कानूनी स्वामित्व/कंट्रोल तकनीकी रूप से केंद्र सरकार के पुरातत्व विभाग (ASI) के पास ही रहेगा, न कि सीधे तौर पर किसी समाज विशेष के निजी नियंत्रण में। इसके अलावा, मुस्लिम पक्ष ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का रुख भी किया है।

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