भितरवार
सरकारी शिक्षक निकला फर्जी डॉक्टर, क्लीनिक सील
भितरवार (हृदय स्तंभ/HRIDAY STAMBH)। एक बड़ी घटना से स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आई है जहां फर्जी डॉक्टर ने महिला का इलाज किया और उसे गलत इंजेक्शन लगा दिया। अभी एक दो दिन पहिले ही ऐसे लापरवाही से एक बच्ची की जान टीकाकरण में चली गई थी।
भितरवार में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक फर्जी डॉक्टर (झोलाछाप) के क्लीनिक पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी डॉक्टर पेशे से एक शासकीय शिक्षक है। वह लंबे समय से अवैध रूप से क्लीनिक चलाकर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा था।
गलत इंजेक्शन से फैला संक्रमण
यह पूरा मामला भितरवार नगर के वार्ड क्रमांक 4 का है। यहां की निवासी रामबाई (पत्नी राजू प्रजापति) ने पैर दर्द की शिकायत के बाद सोनम क्लीनिक पर इलाज कराया था। क्लीनिक के संचालक लाल सिंह जाटव ने महिला को कुछ दवाइयां दीं और इंजेक्शन लगाया। लाल सिंह जाटव ग्राम पंचायत किठोंदा के नयागांव चक स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय में माध्यमिक शिक्षक के पद पर तैनात है। इलाज के अगले ही दिन गलत इंजेक्शन के कारण महिला के पैरों में गंभीर संक्रमण फैल गया और बड़े-बड़े फफोले पड़ गए।
ग्वालियर ले जाने की सलाह देकर हुआ फरार
पीड़िता ने जब दोबारा शिक्षक लाल सिंह जाटव को अपना पैर दिखाया, तो उसने माना कि इंजेक्शन ने रिएक्शन कर दिया है। उसने महिला को इलाज के लिए ग्वालियर जाने की सलाह दी और खुद क्लीनिक बंद कर फरार हो गया। इसके बाद पीड़िता ने अपने बेटे राहुल के माध्यम से भितरवार एसडीएम और स्थानीय पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
प्रशासन की कार्रवाई से मचा हड़कंप
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खंड चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर भितरवार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. हेमंत सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। क्लीनिक बंद मिलने पर टीम ने उसे तुरंत सील कर दिया। इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र के अन्य झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मच गया है और कई लोग अपने क्लीनिक बंद कर भूमिगत हो गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
