सिंध नदी में रास्ता बनाकर खैर की तस्करी

शिवपुरी

 

दैनिक हृदय स्तंभ की पड़ताल में खुलासा,

सतनबाड़ा रेंज में खैर-सागौन की अवैध कटाई का बड़ा खेल

नरवर हृदय स्तंभ (HRIDAY STAMBH):- सतनबाड़ा रेंज के सामान्य वन क्षेत्र में खैर की अवैध कटाई और तस्करी का बड़ा मामला सामने आने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। बेचिराग ग्राम रायपुर के आसपास जंगल में ताजा कटे खैर के ठूंठ मिलने के बाद फॉरेस्ट टीम लगातार सर्चिंग में जुटी हुई है। इसी बीच खैर और सागौन तस्करी के आरोपी अनूप यादव की लोकेशन ऐरावन-धमकन क्षेत्र में मिलने से मामला और गंभीर हो गया है।

जानकारी के अनुसार दतिया में खैर की लकड़ी के साथ पकड़े जाने के दौरान फायरिंग कर फरार हुआ तस्कर अनूप यादव पिछले दो दिनों से शिवपुरी जिले के ऐरावन-धमकन इलाके में सक्रिय बताया जा रहा था। वन विभाग ने क्षेत्र से खैर की लकड़ी जब्त होने की पुष्टि भी की है।

जब पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए दैनिक हृदय स्तंभ के नरवर संवाददाता कमर खान मौके पर पहुंचे तो जंगल में चौंकाने वाला नजारा देखने को मिला। धमकन बीट के रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 540 में ऐरावन गांव के पीछे जंगल क्षैत्र ही नहीं बल्कि कल्याणपुर गांव के पीछे जंगल में खैर एवं सागौन के हरे-भरे वृक्ष कटे मिले, वहीं कई ताजा ठूंठ भी दिखाई दिए। जिसे दैनिक हृदय स्तंभ के संवाददाता ने अपने कैमरे में जीपीएस के अंतर्गत रिकॉर्ड किया है,इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिना वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत के इतने बड़े गोरखधंधे को अंजाम देना संभव नहीं है। कहीं न कहीं इस खेल में विभागीय संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। इतना ही नहीं स्थानीय अधिकारी और नीचे का अमला वरिष्ठ अधिकारियों को भी जांच के नाम पर भ्रमित कर रहा है।

सिंध नदी में बनाया गया अवैध रास्ता

मड़ीखेड़ा पावर हाउस से निकलने वाली सिंध नदी ऐरावन गांव के पास लगभग 20 मीटर चौड़ी है। ऐरावन से रायपुर के बीच इसी नदी में अवैध रूप से रास्ता बनाकर ट्रकों की आवाजाही कराई जा रही थी। सूत्र बताते हैं कि खैर की लकड़ी से भरे करीब तीन ट्रकों को निकालने की तैयारी थी, लेकिन फॉरेस्ट टीम की सक्रियता के चलते तस्कर एक ट्रक लकड़ी मौके पर छोड़कर खाली वाहन लेकर फरार हो गए।

जिस क्षेत्र में कटाई हुई, वह सतनबाड़ा रेंज के अंतर्गत आता है। बुधवार शाम जब प्रभारी रेंजर श्रुति राठौर से खैर की लकड़ी जब्ती के संबंध में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने मामले की जानकारी से इनकार किया और कहा आप वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले की जानकारी लें हमे वर्जन देने के अधिकार नहीं हैं।

वहीं लकड़ी जब्त करने वाले प्रभारी डिप्टी रेंजर सुनील सेन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल पहले व्यस्त और बाद में बंद मिला।

बड़ा सवाल—जंगल कटते रहे और विभाग सोता रहा?

जंगलों में ताजा कटे पेड़, नदी में बनाए गए अवैध रास्ते और ट्रकों की आवाजाही जैसे बड़े घटनाक्रम इस ओर इशारा कर रहे हैं कि तस्करों का नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर वन विभाग को इसकी भनक क्यों नहीं लगी, या फिर पूरे खेल में विभागीय मिलीभगत थी।
इनका कहना है।

सतनबाड़ा वन परिक्षेत्र की धमकन बीट में खैर की लकड़ी काटने का मामला सामने आया है जिसमें एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और अभी जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके विरोध सख्त कार्रवाई की जाएगी। आपके द्वारा जो फुटेज कटे हुए सागौन और खैर के दिए गए हैं वहां कल टीम भेज कर जांच करेंगे।
नीरज निश्चल एसडीओ एफ

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