शिवपुरी
डेढ़ साल के सर्वे के बाद खुलासा, 3-5 माह में शुरू हो सकती है माइनिंग; टाइल्स, कांच और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में होगा उपयोग
शिवपुरी ( NEWS) UPDATE। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां की धरती एक बार फिर खनिज संपदा से समृद्ध साबित हुई है। जिले के नरवर क्षेत्र में कीमती क्वार्ट्ज पत्थर का विशाल भंडार मिला है, जिसे ‘खजाना’ माना जा रहा है। खनिज विभाग द्वारा करीब डेढ़ साल तक किए गए सर्वे के बाद यह खुलासा हुआ है।
नरवर के नैनागिर, खड़ीचा, समोहा सहित आसपास के क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले क्वार्ट्ज के बड़े-बड़े पहाड़ मौजूद हैं। इसके अलावा करैरा, पिछोर और खनियांधाना क्षेत्रों में भी पर्याप्त मात्रा में क्वार्ट्ज मिलने की पुष्टि हुई है। खनिज विभाग अब इन खदानों की नीलामी प्रक्रिया को तेज कर रहा है। यदि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो आगामी 3 से 5 महीनों में यहां से क्वार्ट्ज पत्थर का खनन कार्य शुरू हो सकता है। माइनिंग अधिकारी आरएस उईके ने बताया कि कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देशन में नीलामी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है और जल्द ही फॉरेस्ट व राजस्व विभाग से आवश्यक एनओसी प्राप्त की जाएगी।
क्वार्ट्ज पत्थर का उपयोग टाइल्स, सीमेंट, पेंट, कांच उद्योग और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर होता है। ऐसे में शिवपुरी में माइनिंग शुरू होने पर बड़ी कंपनियों के आने की संभावना है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सैकड़ों लोगों को सीधे रोजगार मिलने के साथ-साथ सहायक व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा।
शिवपुरी जिले की पहचान
गौरतलब है कि शिवपुरी जिले की पहचान पिछले कई दशकों से पत्थर और फर्शी उद्योग के लिए रही है। अब क्वार्ट्ज के बड़े भंडार मिलने से जिले की आर्थिक तस्वीर बदलने की उम्मीद जताई जा रही है। खनिज विभाग का मानना है कि यदि इसी तरह लगातार सर्वे कार्य जारी रहा, तो भविष्य में शिवपुरी में अन्य कीमती खनिज भी मिल सकते हैं, जिससे यह जिला खनिज संपदा के बड़े केंद्र के रूप में उभर सकता है।
