डबरा
50 बेड अस्पताल में संसाधनों का टोटा, इमरजेंसी में मरीज सीधे ग्वालियर रेफर
डबरा/ग्वालियर। डबरा विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। करीब 17 हजार की आबादी पर एक डॉक्टर की उपलब्धता से मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। नगर पालिका क्षेत्र जैसे बड़े इलाके में मात्र 50 बेड का अस्पताल संचालित है, जो 15 डॉक्टरों के भरोसे चल रहा है, जबकि इनमें से भी 5 डॉक्टर अन्य स्थानों पर अटैच बताए जा रहे हैं।
अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क दुर्घटना या गंभीर स्थिति में मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद सीधे ग्वालियर रेफर कर दिया जाता है। कई मामलों में समय पर इलाज न मिलने से मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।
अस्पताल में आवश्यक सुविधाओं का भी अभाव है। सोनोग्राफी सेवा बंद पड़ी है, जबकि एक्स-रे मशीन केवल 12 घंटे ही संचालित हो रही है, क्योंकि यहां केवल एक ही टेक्नीशियन तैनात है। उल्लेखनीय है कि अस्पताल को 100 बेड का दर्जा स्वीकृत हो चुका है, लेकिन वर्तमान में यह 50 बेड पर ही सीमित है।
यह स्थिति तब है, जब इस विधानसभा क्षेत्र से दो कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और प्रदेश के दिग्गज नेताओं का यह क्षेत्र रहा है। इसके बावजूद स्वास्थ्य, सड़क और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है।
“हम बात “विश्व गुरु” बनने की करते हैं और दूसरी ओर आज़ादी के 78 साल बाद भी एक शहर ऐसा है जो स्वास्थ्य, सड़क और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। इससे बड़ा दुर्भाग्य देश और प्रदेश के लिए और क्या हो सकता है।
स्थानीय निवासी प्रवीण गोस्वामी का कहना है कि इमरजेंसी की स्थिति में मरीजों को तत्काल ग्वालियर भेज दिया जाता है, जिससे कई बार रास्ते में ही उनकी जान चली जाती है।”
क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग करते हुए शीघ्र ठोस कदम उठाने की अपील की है
