तेहरान
ईरान ने कहा—अभी तय नहीं किया कि वार्ता में शामिल होंगे या नहीं, युद्धविराम उल्लंघन और दबाव की राजनीति पर ईरान का कड़ा रुख
तेहरान: ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ईरान ने साफ किया है कि उसने अभी तक यह निर्णय नहीं लिया है कि वह अमेरिका के साथ बातचीत के अगले दौर में हिस्सा लेगा या नहीं। इस बयान के बाद पाकिस्तान के इस्लामाबाद में प्रस्तावित बैठक पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकई ने कहा कि तेहरान ने पूरी गंभीरता से बातचीत की शुरुआत की थी, लेकिन अमेरिका ने अपेक्षित ईमानदारी नहीं दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने युद्धविराम का उल्लंघन किया है, जिससे भरोसे का माहौल कमजोर हुआ है।
ट्रंप ने जताई बातचीत की उम्मीद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार तक ईरान के साथ दूसरे दौर की वार्ता शुरू होने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि बातचीत को लेकर “अच्छी खबर” है और इस्लामाबाद में बैठक संभव है। इससे पहले ट्रंप प्रशासन ने बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए युद्धविराम को बढ़ाने का फैसला किया था।
‘दबाव में बातचीत नहीं करेगा ईरान’
ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी तरह के दबाव या धमकी के तहत बातचीत नहीं करेगा। अधिकारियों का कहना है कि देश की संप्रभुता और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया जाएगा। ईरान का मानना है कि उसकी प्राचीन सभ्यता और मजबूत राजनीतिक ढांचा उसे बाहरी दबावों के सामने झुकने की अनुमति नहीं देता।
युद्धविराम उल्लंघन पर कड़ी आपत्ति
ईरान ने अमेरिकी कार्रवाइयों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ईरानी पक्ष का आरोप है कि बंदरगाहों की नाकेबंदी और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले युद्धविराम का उल्लंघन हैं। ऐसे कदम कूटनीतिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि धमकियों के माहौल में कोई भी बातचीत स्वीकार्य नहीं है। वहीं, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी अमेरिकी रुख को उकसाने वाला बताते हुए कहा कि लगातार हो रहे युद्धविराम उल्लंघन से वार्ता आगे बढ़ने में बाधा आ रही है।
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। जहां अमेरिका बातचीत को लेकर आशावादी नजर आ रहा है, वहीं ईरान ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ संकेत दिया है कि बिना भरोसे और सम्मानजनक माहौल के वह किसी वार्ता में शामिल नहीं होगा।
