डबरा
सभी के कल्याण की कामना करने वाला एक ही धर्म है सनातन: डॉ नरोत्तम मिश्रा
डबरा नवग्रह शक्ति पीठ प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव का तीसरा दिन
शिवभक्ति से सराबोर, आज से डॉ. कुमार विश्वास की कथा ‘अपने अपने राम’ शुरू
डबरा (ग्वालियर)।
डबरा स्थित नवग्रह शक्ति पीठ में चल रहे भव्य प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव का तीसरा दिन शुक्रवार को पूरी तरह शिवमय हो गया। प्रसिद्ध शिवपुराण कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के प्रवचन से संपूर्ण वातावरण भक्ति, श्रद्धा और अध्यात्म से गूंज उठा। हजारों श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचे और शिवभक्ति में डूब गए।
कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि “भोलेनाथ किसी मंदिर या देवालय में सीमित नहीं हैं, वे आपके विश्वास में वास करते हैं। यदि श्रद्धा और विश्वास हो तो कंकर-कंकर में शंकर हैं।” उन्होंने कहा कि आज का मनुष्य मंदिरों में भेदभाव करता है—कहीं नया, कहीं पुराना—लेकिन शिवपुराण यह सिखाता है कि यदि हृदय में विश्वास की ज्योत प्रज्वलित है, तो शिव हर स्थान पर प्राप्त होते हैं।
सच्ची भक्ति अंतःकरण की पवित्रता में है
पंडित मिश्रा ने कहा कि सच्ची भक्ति का मार्ग बाहरी दिखावे से नहीं, बल्कि अंतःकरण की पवित्रता से होकर गुजरता है। जब मनुष्य अपने भीतर से अहंकार, ईर्ष्या और दिखावा छोड़ देता है, तभी वह शिव की कृपा का पात्र बनता है।
उन्होंने कहा कि पूर्व जन्मों के पुण्य कर्मों से ही मनुष्य को यह दुर्लभ शरीर प्राप्त होता है, लेकिन यदि उसमें करुणा, सत्य और अहिंसा का भाव नहीं है तो भगवान शिव की कृपा भी नहीं मिलती।
उन्होंने कहा कि “शिवालय नया हो या पुराना यदि श्रद्धा समान है, तो एक लोटा जल अर्पित करने का फल भी समान होता है।”
श्रद्धालुओं से संयम और सेवा का संदेश
कथावाचक ने श्रद्धालुओं से कहा कि शिवतत्व को पाने के लिए आडंबर की नहीं, बल्कि सच्चे विश्वास की आवश्यकता है। यदि मन में भक्ति है तो भगवान शिव हर जगह विराजमान हैं। उन्होंने लोगों से जीवन में सत्य, सेवा और संयम अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यही सच्ची शिव आराधना है।
नरोत्तम मिश्रा बोले — सनातन धर्म की सच्ची रक्षा संत ही करते हैं
इस अवसर पर प्राण प्रतिष्ठान महोत्सव के आयोजक व मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पंडित प्रदीप मिश्रा के चरणों में श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि सनातन धर्म की सच्ची रक्षा वही करता है जो भक्ति भाव से जुड़ा हो। उन्होंने कहा —
“लोहा जब तक लोहार के पास न जाए, सोना जब तक सुनार के पास न जाए, कपड़ा जब तक दरजी के पास न जाए, वह पूर्ण नहीं होता। उसी तरह शिवभक्त जब तक पंडित प्रदीप मिश्रा के चरणों में न पहुँचे, उसकी भक्ति अधूरी रहती है।”
उन्होंने कहा कि भारत का सनातन धर्म अद्वितीय है, जो “सर्वे भवंतु सुखिनः, सर्वे संतु निरामया” का संदेश देता है। चींटी से लेकर हाथी तक सबके सुख और निरोगी जीवन की कामना करने वाला यही एकमात्र धर्म है। उन्होंने कहा कि सनातन को जीवित रखने का कार्य महापुरुष ही कर सकते हैं, और पंडित प्रदीप मिश्रा जैसे संत आज इस युग में धर्म की ज्योति प्रज्वलित कर रहे हैं।
डबरा हुआ शिवमय
प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान तीन दिनों से वैदिक अनुष्ठान, हवन-पूजन और धार्मिक कार्यक्रमों की श्रंखला जारी है। तीसरे दिन की कथा में डबरा ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरा शहर शिवभक्ति में सराबोर रहा और नवग्रह शक्ति पीठ श्रद्धा का केंद्र बन गया है।
आज से शुरू होगी डॉ. कुमार विश्वास की कथा ‘अपने अपने राम’
महोत्सव के चौथे दिन से प्रसिद्ध कवि और कथावाचक डॉ. कुमार विश्वास की चर्चित कथा ‘अपने अपने राम’ का वाचन प्रारंभ होगा। कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगी और तीन दिनों तक चलेगी। आयोजन समिति ने भक्तों की सुविधाओं के लिए विशेष प्रबंध किए हैं
मंच पर पीठ का पूजन करने वालों में भितरवार विधायक मोहन सिंह राठौर,डबरा विधायक सुरेश राजे, भाजपा के शिवपुरी के जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव विशेष रूप सेउपस्थित रहे |
मंत्री कंसाना भी हुए शामिल
प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तीसरे दिन मध्य प्रदेश सरकार के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री ऐदल सिंह कंसाना भी
शामिल हुए।
