बिहार में ‘सम्राट’ युग का आगाज़

देश विदेश

सम्राट चौधरी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, 75 साल बाद भाजपा का सपना हुआ साकार

पटना: बिहार की सियासत में बुधवार को एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। पटना के लोक भवन स्थित जर्मन हैंगर में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने उन्हें शपथ दिलाई। यह राज्य के इतिहास में पहला अवसर है जब भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हुआ है।

गठबंधन का नया स्वरूप: दो उपमुख्यमंत्री भी शामिल

नई सरकार में सत्ता के संतुलन को बनाए रखने के लिए जनता दल (यूनाइटेड) के दो दिग्गज नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है:
बिजेंद्र प्रसाद यादव: कैबिनेट मंत्री (उपमुख्यमंत्री)
विजय कुमार चौधरी: कैबिनेट मंत्री (उपमुख्यमंत्री)

इस अवसर पर मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, नितिन नवीन और चिराग पासवान सहित एनडीए के तमाम दिग्गज नेता मौजूद रहे। पिछले कई दशकों से बिहार की राजनीति के धुरी रहे नीतीश कुमार के युग का इसे अंत माना जा रहा है। अब तक भाजपा बिहार में ‘छोटे भाई’ या सहयोगी की भूमिका में रही थी, लेकिन सम्राट चौधरी की ताजपोशी के साथ ही भाजपा ने अब राज्य की कमान सीधे अपने हाथों में ले ली है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मुख्य सचिवालय में सम्राट चौधरी के नाम की नेमप्लेट लगते ही बिहार की सत्ता का पूरा नैरेटिव बदल गया है।

शपथ से पहले मंदिर में हाजिरी, विकास का संकल्प
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले सम्राट चौधरी राजवंशी नगर स्थित पंचरूपी हनुमान मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। कार्यभार संभालने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा:
“बिहार की समृद्धि के लिए मैंने आज मुख्यमंत्री पद ग्रहण किया है। राज्य में विकास का वही पैटर्न जारी रहेगा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार ने आगे बढ़ाया है। हम बिहार को विकास के नए आयामों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

अब सबकी नजरें मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी हैं। मगर सूत्रों की मानें तो पांच राज्यों में चल रहे चुनाव और उनके परिणाम आने के बाद इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। यानी मई के पहले हफ्ते में मंत्रिमंडल विस्तार होने की संभावना है। हालांकि सूत्रों के अनुसार जो जानकारी सामने आ रही है, उसके मुताबिक मंत्रिमंडल विस्तार में अधिकांश तौर पर पुराने चेहरों को जगह मिलेगी। बिहार में इस बड़े बदलाव के बाद लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ गई हैं। आम जनता अब नई सरकार से रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सुधार की उम्मीद कर रही है। बहरहाल सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी सरकार आने वाले समय में किस तरह राज्य के विकास और राजनीतिक स्थिरता को नई दिशा देती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *