ग्वालियर
सीएम हेल्पलाइन के कमजोर निराकरण पर निगमायुक्त सख्त, अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में लापरवाही को लेकर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने सख्त कार्रवाई करते हुए सिटी प्लानर महेंद्र अग्रवाल और मुख्य स्वच्छता अधिकारी डॉ. वैभव श्रीवास्तव का एक-एक इंक्रीमेंट रोकने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई समय सीमा बैठक में शिकायतों के निराकरण की समीक्षा के दौरान की गई।
बैठक में सामने आया कि मार्च माह में प्राप्त 4832 शिकायतों में से केवल 37 प्रतिशत का ही निराकरण हो सका है, जिस पर आयुक्त ने गहरी नाराजगी जताई। विशेष रूप से भवन अनुज्ञा, अतिक्रमण और स्वच्छता से जुड़ी शिकायतों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया गया।
सिटी प्लानर महेंद्र अग्रवाल पर भवन अनुज्ञा और अतिक्रमण मामलों के निराकरण में ढिलाई बरतने के चलते कार्रवाई की गई, वहीं टीएल प्रकरणों को समय पर हल नहीं करने पर मुख्य स्वच्छता अधिकारी डॉ. वैभव श्रीवास्तव का इंक्रीमेंट रोका गया।
इसके अलावा सीवर संबंधी शिकायतों में खराब प्रदर्शन पर पीएचई विभाग के उपयंत्रियों संदीप श्रीवास्तव, रामसेवक शाक्य और सूरज प्रताप सिंह को वेतन आहरण न करने के नोटिस जारी किए गए, जबकि शिवेंद्र सिंह जादौन को भी नोटिस देने के निर्देश दिए गए।
सिविल शिकायतों के संतोषजनक निराकरण में कमी पर जेडओ अनिल श्रीवास्तव का दो दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। वहीं जियो टैगिंग कार्य में सुस्ती पर सम्पदा अधिकारी मनीष यादव को नोटिस तथा सीएम हेल्पलाइन शिकायतों को अटेंड नहीं करने पर सहायक स्वास्थ्य अधिकारी दीपांशु धर्मेन्द्र को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
निगमायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे फील्ड में रहकर शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करें और जियो टैगिंग के साथ फोटो अपलोड करें। साथ ही जल गंगा संवर्धन अभियान, वाटर हार्वेस्टिंग, शीतल जल प्याऊ की व्यवस्था, अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई और ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य प्रणाली को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए।
