ग्वालियर
रात में सक्रिय माफिया,5 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त, लेकिन सवाल—सख्ती के बाद भी क्यों जारी है अवैध परिवहन
जिले में अवैध खनन और रेत के अवैध परिवहन के खिलाफ लगातार कार्रवाई के बावजूद यह धंधा थमता नजर नहीं आ रहा है। ताजा मामले में खनिज विभाग की टीम ने रात्रिकालीन छापेमारी कर 5 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की हैं, लेकिन इसके बाद भी अवैध खनन का सिलसिला जारी रहना कई सवाल खड़े कर रहा है।
कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत बीती रात शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जांच की गई। कंपू क्षेत्र से 2, जौरासी से 1 और झांसी रोड व सिरोल थाना क्षेत्रों से 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध रेत परिवहन करते हुए पकड़ी गईं। सभी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर अर्थदंड की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
प्रभारी जिला खनिज अधिकारी घनश्याम सिंह यादव के अनुसार अवैध खनन के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद यह गतिविधियां पूरी तरह थम नहीं पा रही हैं। जानकारों की मानें तो अवैध खनन के पीछे भारी मुनाफा, रात के समय कमजोर निगरानी और निर्माण कार्यों में बढ़ती रेत की मांग प्रमुख कारण हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कार्रवाई के बाद खनन माफिया कुछ समय के लिए शांत हो जाते हैं, लेकिन फिर नए तरीकों से सक्रिय हो जाते हैं। जिले के विस्तृत क्षेत्र और सीमित संसाधनों के चलते हर जगह सतत निगरानी चुनौती बनी हुई है।
हालांकि प्रशासन ने साफ किया है कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा, लेकिन मौजूदा हालात यह संकेत दे रहे हैं कि केवल छापेमारी से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इसके लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ कड़े दंडात्मक प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता है।
