नई दिल्ली
पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत में गैस सप्लाई स्थिर, नियमों में ढील से बढ़ी खपत
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित होने के बावजूद भारत में एलपीजी की उपलब्धता और कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। केंद्र सरकार ने घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित रखा है, जिससे आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा।
सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के चलते 5 किलो वाले छोटे घरेलू गैस सिलेंडर की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसकी सप्लाई बढ़ाने के साथ ही खरीद संबंधी नियमों में दी गई ढील का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। वर्तमान में इन छोटे सिलेंडरों की बिक्री रोजाना करीब एक लाख के पार पहुंच गई है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी माह में जहां इन सिलेंडरों की औसत दैनिक बिक्री लगभग 77 हजार थी, वहीं अब यह आंकड़ा तेजी से बढ़ते हुए एक लाख से अधिक हो गया है। 23 मार्च से अब तक 13 लाख से ज्यादा छोटे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
एलपीजी वितरण के मोर्चे पर भी सरकार सक्रिय नजर आ रही है। 11 अप्रैल को एक ही दिन में 52 लाख से अधिक गैस सिलेंडरों की डिलीवरी की गई, जो एक बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है। इसके अलावा पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है। मार्च से अब तक 4.24 लाख नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं।
हालांकि, इसी अवधि में कुछ उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर भी किए हैं, लेकिन इसके बावजूद कुल मांग में बढ़ोतरी का रुझान बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे सिलेंडर की आसान उपलब्धता और लचीले नियमों के चलते शहरी और निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं के बीच इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
