भोपाल
मध्य प्रदेश पर 5 लाख करोड़ का कर्ज़
मध्य प्रदेश सरकार हर साल हजारों करोड़ रुपए का लोन लेती है। मध्य प्रदेश शासन पर लिए गए ऋण की किस्त और ब्याज का बोझ लगातार बढ़ता चला जा रहा है। मध्य प्रदेश सरकार अपनी अनुपयोगी संपत्तियों को बेचकर धन जुटाने का जो प्रयास कर रहा है। उसमे पिछले 10 वर्षों में मात्र 101 लोक संपत्तियां ही नीलम हो पाई हैं। इसमें मध्य प्रदेश सरकार को केवल 1110 करोड रुपए संपत्ति बेचने से प्राप्त हुए हैं।
विधानसभा मे एक प्रश्न के जवाब में सरकार ने बताया है। सरकारी संपत्तियों का विक्रय करने के लिए लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग बनाया गया है। इसके माध्यम से संपत्तियों को नीलामी के माध्यम से विक्रय किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश सरकार के लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा जो संपत्ति नीलाम की गई है उसमें बस डिपो, सहकारी कारखाने इत्यादि की जमीने नीलामी के जरिए बेची हैं। जो संपत्ति बिकी है उसमें मुरैना का बस डिपो, शहडोल का बस डिपो, ब्यावर का बस डिपो, तराना बस डिपो, अलीराजपुर महिदपुर के बस डिपो तथा सहकारिता विभाग के अंतर्गत तिलहन संघ का जरेरुआ स्थित संयंत्र, खरगोन का पुराना जेल,पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, इटारसी का सोयाबीन संयंत्र नागझिरी बिका है।
सबसे बड़े आश्चर्य की बात है पिछले 10 साल के प्रयास मे नीलामी के जरिए केवल 1110 करोड रुपए की ही संपत्ति बिकी है। जबकि सरकार के ऊपर कर्ज लगातार साल दर साल बढ़ता चला जा रहा है।
