जबलपुर
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एसएन भट्ट म.प्र.आबकारी वर्ष 2025-26 के लिए लाइसेंस निलंबन को चुनौती देने वाली सोम डिस्टलरीज प्रा. लि. और सोम डिस्टलरीज एंड ब्रेवरीज प्रा.लि. की याचिका की सुनवाई से हट गए हैं। वे उच्च न्यायालय के दूसरे न्यायाधीश हैं जो उक्त याचिका पर सुनवाई से हट गए हैं। इससे पहले न्यायाधीश विशाल मिश्रा इस मामले की सुनवाई से हट गए हैं। अब मुख्य न्यायाधीश प्रशासनिक स्तर पर तय करेंगे कि इस मामले पर सुनवाई किसकी बेंच में होगी।
गौरतलब हो कि सोम डिस्टलरीज प्रा. लि. और सोम डिस्टलरीज एंड ब्रेवरीज प्रा.लि. की ओर से दाखिल इस याचिका में 4 फरवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत आबकारी आयुक्त ने कंपनियों के लाइसेंस निलंबित कर दिए थे। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि यह कार्रवाई बिना सुनवाई का अवसर दिए की गई, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। कंपनियों का कहना है कि लाइसेंस निलंबन से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना आवश्यक था। बिना नोटिस और सुनवाई के की गई कार्रवाई को उन्होंने अधिकार क्षेत्र से बाहर और अवैधानिक बताया है।
उक्त मामले में 6 फरवरी को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय अग्रवाल और अधिवक्ता राहुल दिवाकर ने पक्ष रखा, जबकि राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह और अधिवक्ता आदित्य पाराशर उपस्थित रहे। न्यायाधीश विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने उभय पक्षें को सुनने के बाद मामले में निर्णय सुरक्षित रख लिया था। न्यायाधीश मिश्रा के मामले से हटने के बाद मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा ने प्रशासनिक स्तर पर न्यायमूर्ति एसएन भट्ट की एकलपीठ के समक्ष इस याचिका को सूचीबद्ध करने के निर्देश 25 फरवरी को दिए थे। मुकदमा शुक्रवार को न्यायाधीश भट्ट की एकलपीठ में सूचीबद्ध था, परंतु उन्होंने भी इस मामले की सुनवाई से इंकार कर दिया है।
