नई दिल्ली
गिरते रुपए का असर
नई दिल्ली (NEWS UPDATE):
जैसे जैसे रुपया गिर रहा है महंगाई बढ़ रही है वैसे वैसे आम जनता का बजट बिगड़ता जा रहा है उसकी रसोई उसके सारे समीकरण बिगाड़ रही है और आगे भी मुश्किलें कम होती नज़र नहीं आ रही है ये इस समय चिंता का विषय है
पिछले कुछ महीनों से सोना, चांदी, खाद, मेटल और कई जरूरी सामानों के आयात भी महंगे हो गए हैं। यानी हर तरफ से रुपये पर मार पड़ रही है
रुपया जब गिरता है तो उसका असर सीधे आपकी जेब पर पड़ता है। रसोई के बजट से लेकर लाइफस्टाइल खर्चे तक सब बढ़ जाते हैं। बाहर खाना महंगा हो जाता है, विदेश घूमना मुश्किल लगने लगता है और बच्चों की विदेशी पढ़ाई का सपना भी ज्यादा खर्चीला हो जाता है। मिडिल ईस्ट संकट के बीच रुपया ऐसे गिर रहा है, जैसे ब्रेक फेल हो गए हों। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया आज गुरुवार दोपहर गिरकर 95.95 पर पहुंच गया है। यह अब तक का सबसे न्यूनतम स्तर है। रुपये की यही चाल रही तो यह आंकड़ा आने वाले समय में 100 तक भी पहुंच सकता है। पिछले कई महीनों से रुपया लगातार दबाव में था, लेकिन अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद हालात और बिगड़ गए। अब सवाल सिर्फ करेंसी का नहीं, आम आदमी के बजट का भी है।
पीछे जाकर देखें, तो अधिकांश वर्षों में भारतीय रुपया हर साल औसतन 3 से 5 फीसदी गिरा है। लेकिन पिछले एक साल में भारतीय रुपया करीब 10 फीसदी गिरा है। यह औसत गिरावट से काफी ज्यादा अधिक है। मई 2025 में रुपया डॉलर के मुकाबले 85 के करीब था, जो मई 2026 में 96 के लेवल से थोड़ा ही कम है।
