काठमांडू
तिब्बत सीमा पर तबाही: 165 शव बरामद, 800 विदेशी पर्यटकों समेत 1500 लापता
Nepal Flood Latest Update: नेपाल-तिब्बत सीमा पर लंगतांग लिरुंग ग्लेशियर के टूटने से भारी तबाही मची है। ग्लेशियर पिघलने की 65% बढ़ी रफ्तार और भारत-नेपाल में बाढ़ के खतरे पर।
नेपाल और चीन के तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ ने पूरे हिमालयी इलाके को हिलाकर रख दिया है। लंगतांग लिरुंग (Langtang Lirung) पर्वत श्रृंखला पर बर्फ और चट्टान का विशाल हिस्सा टूटने से ल्हेन्दे खोला और त्रिशूली नदी में आए उफान के कारण भारी जान-माल का नुकसान हुआ है।
नेपाल बाढ़ का कहर: 160 से अधिक मौतें, 1500 से ज्यादा लापता
ताजा अपडेट के अनुसार, इस त्रासदी में अब तक 160 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 1500 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें भारतीय पर्यटकों सहित करीब 800 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। बाढ़ के कारण कई गांव जलमग्न हो चुके हैं और ग्यिरोंग पोर्ट का व्यापारिक ढांचा व आधा दर्जन से अधिक जलविद्युत परियोजनाएं पूरी तरह तबाह हो गई हैं।
ग्लेशियर पिघलने की रफ्तार 65% बढ़ी: वैज्ञानिकों की चेतावनी
पर्यावरण विशेषज्ञों और क्लाइमेट रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्लोबल वार्मिंग के कारण हिंदू कुश हिमालय (HKH) क्षेत्र में ग्लेशियर पिघलने की रफ्तार पहले के मुकाबले 65 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
कमजोर होती चट्टानें से बढ़ता खतरा। लगातार तापमान बढ़ने से पहाड़ों को बांधकर रखने वाली बर्फ (Permafrost) पिघल रही है, जिससे बड़ी चट्टानें और बर्फ के पहाड़ अचानक ढह रहे हैं।
ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट (GLOF) पिघलते ग्लेशियरों से अस्थायी झीलें बन रही हैं, जिनके फटने से अचानक फ्लैश फ्लड आ रहे हैं।
भारत में भी मंडराया बाढ़ का खतरा
नेपाल के पहाड़ों से बहने वाली नदियां सीधे भारत के मैदानी इलाकों में आती हैं। त्रिशूली और भोटे कोसी नदी का प्रवाह बदलने और नारायणी नदी (गंडक) में उफान आने के कारण भारत के सीमावर्ती राज्यों— बिहार और उत्तर प्रदेश के निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। जल संसाधन विभाग को नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन पर लगाम नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में नेपाल-भारत सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसी विनाशकारी बाढ़ की आवृत्ति और अधिक बढ़ सकती है।
Glacier Melting 65 Percent
