शिवपुरी
शिवपुरी में आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर सोमवार को जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में जिला जनगणना समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने की। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी के साथ संपादित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजय राज, अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला, एसडीएम शिवपुरी आनंद राजावत, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर सहित समिति के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जनगणना कार्य निदेशालय से जिला प्रभारी पीयूष पवार ने डिजिटल जनगणना प्रक्रिया, डाटा की शुद्धता, कार्य प्रणाली एवं निगरानी व्यवस्था संबंधी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी।
दो चरणों में होगी जनगणना
शिवपुरी कलेक्टर श्री चौधरी ने बताया कि जनगणना का प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) 1 मई से 30 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) फरवरी 2027 में आयोजित होगा। उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना 2027 देश की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी, जो गांव, शहर और वार्ड स्तर पर प्राथमिक आंकड़ों का सबसे बड़ा एवं विश्वसनीय स्रोत है।
जनगणना के माध्यम से आवास की स्थिति, मूलभूत सुविधाएं, परिसंपत्तियां, जनसांख्यिकीय विवरण, धर्म, भाषा, साक्षरता, शिक्षा, आर्थिक गतिविधियां एवं प्रवासन से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की जाएगी।
पूरी तरह डिजिटल होगी प्रक्रिया
बैठक में बताया गया कि जनगणना-2027 पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपादित की जाएगी। पहली बार नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) का विकल्प भी दिया गया है। आंकड़ों का संकलन स्व-गणना पोर्टल एवं मोबाइल एप (एचएलओ एप) के माध्यम से किया जाएगा।
मकान सूचीकरण ब्लॉक का सृजन एचएलबीसी वेब पोर्टल से तथा जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी सीएमएमएस वेब पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। घर-सूचीकरण चरण में सर्वेक्षक भवन के उपयोग, निर्माण सामग्री, कमरों की संख्या, स्वामित्व, जल, विद्युत, शौचालय, खाना पकाने के ईंधन सहित फोन, वाहन, टेलीविजन जैसी परिसंपत्तियों समेत कुल 33 बिंदुओं पर जानकारी दर्ज करेंगे।
कलेक्टर ने जनगणना कार्य में तैनात किए जाने वाले मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स, प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की सूची का अनिवार्य रूप से डिजिटल संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
