इंदौर
लोकायुक्त की रेड के बाद सहायक राजस्व अधिकारी जितेंद्र पांडे निलंबित, नेता प्रतिपक्ष ने की ED जांच की मांग
इंदौर (NEWS UPDATE): इंदौर नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी जितेंद्र पांडे पर लोकायुक्त कार्रवाई के बाद निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने निलंबन की कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति और राजनीतिक संरक्षण के आरोपों के बीच ED जांच की मांग उठी।
इंदौर नगर निगम (IMC) में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला है। लोकायुक्त पुलिस की छापेमारी के बाद नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सहायक राजस्व अधिकारी (ARO) जितेंद्र पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच में जितेंद्र पांडे के पास उनकी कुल वैध आय और चल-अचल संपत्ति में बहुत बड़ा अंतर उजागर हुआ है।
31 साल की नौकरी और करोड़ों की अनुपातहीन संपत्ति
लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, जितेंद्र पांडे के सेवाकाल के दौरान प्राप्त वेतन और उनके पास से मिले मकान, हॉस्टल व वाहनों के कुल आंकड़ों का मिलान करने पर बड़ी गड़बड़ी सामने आई है
जांच के दौरान उनकी पत्नी के नाम पर इंदौर के आनंद नगर और गजाधर नगर स्थित बहुमंजिला इमारतों के निर्माण दस्तावेज और गाड़ियों के निवेश का ब्योरा मिला है।
राजनीतिक संरक्षण के आरोप, ED जांच की उठी मांग
निगम में नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने इस मामले को लेकर सत्तापक्ष और स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि निचले स्तर के अधिकारी लंबे समय से राजनीतिक संरक्षण में भ्रष्टाचार के खेल में संलिप्त थे।
नेता प्रतिपक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे महज विभागीय निलंबन तक सीमित न रखकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस काली कमाई के तार और किन-किन बड़े चेहरों से जुड़े हैं।
