होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर शुरू हुई आवाजाही

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ऑयल टैंकरों की वापसी से भारत समेत एशिया को बड़ी राहत

दो महीने की तनातनी के बाद हालात सुधरने के संकेत, ईरान-अमेरिका तनाव के बीच ऊर्जा सप्लाई पटरी पर लौटने लगी

 

तेहरान (NEWS UPDATE):करीब दो महीने से जारी तनाव और रुकावट के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस के टैंकरों की आवाजाही फिर शुरू हो गई है। यह संकेत देता है कि क्षेत्र में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। जहाजों की ट्रैकिंग से जुड़ी वेबसाइटों के अनुसार, इस सप्ताह कम से कम दो बड़े टैंकर सुरक्षित रूप से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजर चुके हैं।

दोबारा शुरू हुई सप्लाई चेन

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। हालिया घटनाक्रम में जापान की इदेमित्सु कोसान कंपनी द्वारा संचालित सुपरटैंकर इदेमित्सु मारू सफलतापूर्वक इस मार्ग को पार कर चुका है। यह टैंकर सऊदी अरब से करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर जापान जा रहा है।

तनाव के बीच नरमी के संकेत

हालांकि ईरान और अमेरिका के बीच अभी तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम से यह साफ है कि दोनों पक्षों के रुख में कुछ नरमी आई है। यही वजह है कि लंबे समय से बाधित यह समुद्री रास्ता अब धीरे-धीरे खुलता नजर आ रहा है।

भारत और एशियाई देशों को राहत

होर्मुज जलडमरूमध्य भारत के लिए बेहद अहम है क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। इस रूट के फिर से चालू होने से भारत सहित कई एशियाई देशों को बड़ी राहत मिलेगी, जो हाल के दिनों में तेल और गैस की सप्लाई बाधित होने से दबाव में थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर क्षेत्र में तनाव और कम होता है, तो आने वाले दिनों में इस मार्ग से और ज्यादा टैंकर गुजर सकते हैं। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद है और तेल की कीमतों पर भी दबाव कम हो सकता है।

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