ग्वालियर
नए शैक्षणिक सत्र की सकारात्मक और उत्साहपूर्ण शुरुआत के साथ जीडी गोयनका स्कूल, शिवपुरी लिंक रोड में प्रथम अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) का सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय में उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला, जहाँ अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और अधिक सार्थक बना दिया। इस PTM की थीम “Let’s Grow Together” रखी गई, जो विद्यार्थियों के समग्र विकास में विद्यालय और अभिभावकों के सामूहिक सहयोग को दर्शाती है।
विद्यालय की प्राचार्या डॉ. मयूरी जैन ने अपने संदेश में “Let’s Grow Together” की भावना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों के संवर्धन, मार्गदर्शन एवं सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय और अभिभावकों का एक साथ कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि जब घर और स्कूल दोनों मिलकर बच्चों को सही दिशा प्रदान करते हैं, तब ही उनके व्यक्तित्व का संतुलित एवं सशक्त विकास संभव हो पाता है।
PTM के दौरान शिक्षकों द्वारा प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति, व्यवहार, रुचियों एवं व्यक्तिगत क्षमताओं पर अभिभावकों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। शिक्षकों ने बच्चों की सीखने की शैली को समझाते हुए उन्हें और बेहतर बनाने के लिए उपयोगी सुझाव भी साझा किए। इस संवाद ने अभिभावकों और शिक्षकों के बीच विश्वास और सहयोग को और मजबूत किया।
विद्यालय द्वारा हाल ही में लागू किए गए नए स्पोर्ट्स टाइमटेबल की विशेष सराहना अभिभावकों एवं विद्यार्थियों दोनों ने की। इस नई समय-सारिणी के अंतर्गत विद्यार्थियों को प्रतिदिन विशेष खेलों जैसे क्रिकेट, बास्केटबॉल, फुटबॉल, वॉलीबॉल, आर्चरी, शूटिंग, लॉन टेनिस, ताइक्वांडो एवं स्विमिंग के लिए निर्धारित समय दिया जा रहा है।
इन सभी खेलों के लिए विद्यालय में अनुभवी एवं प्रशिक्षित विशेषज्ञ कोच/शिक्षक नियुक्त हैं, जो विद्यार्थियों को नियमित रूप से प्रशिक्षण प्रदान करते हैं और उनकी प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस पहल से बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ अनुशासन, टीमवर्क और आत्मविश्वास का भी विकास हो रहा है।
इसके अतिरिक्त, अर्थ डे माह के उपलक्ष्य में विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु विद्यार्थियों द्वारा वृक्षारोपण किया गया। इस गतिविधि में अभिभावकों का भी सराहनीय सहयोग देखने को मिला। बच्चों ने पर्यावरण के प्रति जागरूकता दिखाते हुए हरियाली को बनाए रखने का संकल्प लिया, जिससे उनमें जिम्मेदारी और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का विकास हुआ।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया कि विद्यालय और अभिभावक मिलकर ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का सशक्त आधार तैयार कर सकते हैं। यह PTM न केवल एक औपचारिक बैठक रही, बल्कि एक ऐसा मंच बना जहाँ विचारों का आदान-प्रदान हुआ और बच्चों के बेहतर कल के लिए एक नई दिशा निर्धारित की गई।

