भोपाल
बाप-बेटे और पोते मिलकर 40 साल से बना रहे थे ‘कट्टे-पिस्टल’
भोपाल (NEWS UPDATE): राजधानी भोपाल में क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अवैध हथियार नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कृषि उपकरणों के निर्माण की आड़ में तीन पीढ़ियों से कट्टे और पिस्टल बनाने वाले एक गिरोह का खुलासा हुआ है। यह परिवार पिछले 40 वर्षों से इस अवैध कारोबार में लिप्त था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी नरेंद्र परमार समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई, टीकमगढ़ से जुड़े तार
एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि यह निशातपुरा क्षेत्र में रहने वाले कुछ लोग वाहन चोरी और अवैध हथियारों के कारोबार से जुड़े हुए है। इसके बाद टीम ने छापा मारकर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया था।
32 हजार की पिस्टल ने खोला अंतरराज्यीय नेटवर्क का राज
हिरासत में लिए गए करौंद निवासी मुख्तार खान ने पूछताछ में कबूला कि उसने ज़ब्त की गई पिस्टल टीकमगढ़ निवासी सुरेंद्र विश्वकर्मा से 32 हजार रुपये में खरीदी थी। इस इनपुट के आधार पर जब पुलिस टीम ने टीकमगढ़ में दबिश दी, तो बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ।
कृषि उपकरणों की आड़ में चल रही थीं दो फैक्ट्रियां
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सुरेंद्र के पिता आनंदी विश्वकर्मा ने करीब 40 साल पहले कृषि उपकरण बनाने की आड़ में अवैध हथियार बनाना शुरू किया था। राज बाहर न आए, इसलिए उसने अपने बेटों और पोतों को भी इसी काम में लगा दिया।
पहली फैक्ट्री आरोपी सुरेंद्र विश्वकर्मा के घर पर ही संचालित हो रही थी। वही दूसरी फैक्ट्री टीकमगढ़ के रामगढ़ क्षेत्र में खेतों के बीच स्थित एक सुनसान वेयरहाउस में चलाई जा रही थी।
इन फैक्ट्रियों में लेथ मशीन, वेल्डिंग मशीन और आधुनिक उपकरणों की मदद से कट्टे और पिस्टल तैयार किए जाते थे।
एमपी में पुलिस की सख्ती बढ़ी, तो यूपी के जिलों में शुरू की सप्लाई
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है कि हाल के दिनों में मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के बाद, इस गिरोह ने अपना सप्लायर नेटवर्क बदल लिया था। आरोपी मध्य प्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी हथियारों की तस्करी कर रहे थे।
Bhopal illegal weapon factory busted
Tikamgarh illegal weapon factory
