भितरवार
कलश यात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा और जलपान से किया स्वागत
भितरवार के ग्राम मोहनगढ़ स्थित मंदिर प्रांगण पर सेवानिवृत शिक्षक कुसुम – प्रीतम सिंह यादव के द्वारा 1 से 7 मई तक आयोजित कराई जाने वाली श्रीमद् भागवत को लेकर गाजे – बाजे और डीजे की धुन पर बज रहे भजन- कीर्तनों पर नाचते गाते हुए भव्य मंगल कलश यात्रा निकाली गई जिसमें श्रद्धालुओं की भीड़ से ग्राम का माहौल भक्तिमय हो गया । इस दौरान जगह-जगह ग्राम वासियों के द्वारा पुष्प वर्षा और जलपान कराकर स्वागत किया गया। वही भागवत कथा में प्रथम दिवस घट एवं ध्वज के साथ ही व्यास पीठ के पूजन के उपरांत प्रसिद्ध कथा व्यास पं. छबीले छैल बिहारी जी के द्वारा प्रथम दिवस की कथा में श्रीमद् भागवत कथा के माहात्म्य का विस्तार से वर्णन किया।
शुक्रवार की सुबह ग्राम मोहनगढ़ में शुरू हुई सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के आयोजन को लेकर ग्राम की प्रमुख गलियों और मोहल्ले से भव्य कलश यात्रा निकाली गई जिसमें सैकड़ो की तादाद में पीतांबरी वस्त्रों से सुसज्जित महिलाएं शर पर कलश रखकर मंगल गीतों के बीच नाचते- गाते हुए निकली, तो वहीं कलश यात्रा में बुजुर्ग और नौजवान युवा भी पूरे भक्तियुक्त माहौल के बीच भगवान की जय जयकार करते हुए चल रहे थे, जिनका जगह-जगह ग्राम वासियों के द्वारा पुष्प वर्षा और जलपान कराकर स्वागत किया गया। इस दौरान कथा आयोजन स्थल पर ध्वज और कलश पूजन के साथ ही व्यास गद्दी का पूजन कर कलश यात्रा का समापन किया गया। वहीं प्रथम दिवस की कथा के अवसर पर कथा के मुख्य वक्ता पं. छबीले छैला बिहारी जी ने उपस्थित श्रद्धालु श्रोता जनों को प्रथम दिवस पर भगवात के माहात्म्य का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया की भागवत कथा मोक्षदायिनी है और यह दैहिक, भौतिक तापों को नष्ट कर जीवन में ज्ञान व सुख प्रदान करती है, साथ ही निष्काम भक्ति की ओर प्रेरित करती है। उन्होंने कथा का सार संक्षिप्त में समझाते हुए कहा कि भागवत कथा केवल कथा नहीं, बल्कि परमात्मा से जुड़ने का मध्य है और यह मन को शांत कर नकारात्मक विचारों को कम करती है। वही भागवत कथा आयोजन को लेकर आयोजक परिवार द्वारा आयोजन स्थल को भव्यता पूर्वक सजाया गया है जहां 7मई तक प्रतिदिन दोपहर 1:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन श्रोताओं को सुनाया जाएगा। वहीं ग्राम में भक्ति युक्त वातावरण के बीच निकाली भव्य कलश यात्रा में कथा परीक्षित कुसुम प्रीतम सिंह यादव श्रीमद् भागवत महापुराण को शर पर रखकर भागवत व्यास के साथ-साथ आगे आगे चल रहे थे तो पीछे महिलाएं और बालिकाएं शर पर कलश रखकर डीजे पर बज रहे भजनों की धुन पर नाचते हुए चल रही थी। इस दौरान मंगल कलश यात्रा में भितरवार नगर परिषद उपाध्यक्ष मन्नू यादव, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सतीश मघईया, पार्षद गजब सिंह रावत, पूर्व सरपंच महेंद्र सिंह खेनवार, प्रेम बाबू अग्रवाल, श्री कृष्ण यादव, शिशुपाल पटेल, केशव सिंह यादव, पवन अग्रवाल, सत्येंद्र यादव, महिला मोर्चा जिला मीडिया सह प्रभारी सीमा यादव, जितेंद्र यादव सहित नगर के कई गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए।
