भोपाल,
भोपाल(HRIDAY STAMBH);
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर कथित हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का एक बड़ा मामला सामने आया है। शहर के जाने-माने ठेकेदार लक्ष्मीनारायण मालवीय (एलएन मालवीय) को एक महिला और उसके परिजनों द्वारा दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर डेढ़ करोड़ रुपए की रंगदारी (अड़ीबाजी) मांगने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बाग सेवनिया थाना पुलिस ने ठेकेदार की शिकायत पर महिला, उसके पति और पिता के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली और अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
साकेत नगर निवासी एलएन मालवीय ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया है कि वह एक बड़े प्रोजेक्ट्स के ठेकेदार हैं। उनके मुताबिक, एक महिला ने अपने पति रामकुमार धाकड़ और पिता रामकृष्ण देवड़ा के साथ मिलकर उन्हें सुनियोजित तरीके से अपने जाल में फंसाया।
ठेकेदार का दावा है कि महिला के साथ उनके संबंध आपसी रजामंदी (सहमति) से बने थे और इस बात की जानकारी महिला के पति को भी थी। इसी बात का फायदा उठाकर आरोपियों ने उन्हें कानूनी पचड़े में फंसाने और दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने की धमकियां देना शुरू कर दिया।
तीन बार हुआ लिखित करार और स्टाम्प पर लिखापढ़ी
मामले के खुलासे के अनुसार, यह विवाद अचानक नहीं बढ़ा, बल्कि इसके पीछे एक लंबा ब्लैकमेलिंग का सिलसिला चल रहा था। एलएन मालवीय का आरोप है कि आरोपियों ने
अलग-अलग समय पर उन पर दबाव बनाकर समझौते के नाम पर भारी-भरकम रकम वसूली:
पहला समझौता (मई 2026): महिला ने सबसे पहले दुष्कर्म की एक लिखित शिकायत दी, जिसके एवज में ठेकेदार से उनका ₹5 लाख का कर्ज माफ कराया गया।
दूसरा समझौता (जून 2026): इसके कुछ समय बाद महिला ने फिर से लिखित शिकायत दी और इसे वापस लेने के नाम पर ₹25 लाख नकद वसूले और शिकायत वापस ले ली।
स्टाम्प पेपर पर लिखापढ़ी पर ठेकेदार का यह भी आरोप है कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर आरोपियों को एमपी नगर स्थित अपने फ्लैट पर बुलाया। वहां स्टाम्प पेपर पर यह लिखवाया गया कि दोनों के बीच शारीरिक संबंध सहमति से बने थे और वे भविष्य में दुष्कर्म का कोई मामला दर्ज नहीं कराएंगे। इसके बावजूद आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आए।
₹35 लाख देने के बाद भी डेढ़ करोड़ की मांग
एलएन मालवीय का दावा है कि वह इस गिरोह को अब तक कुल ₹35 लाख दे चुके हैं। इसके बावजूद महिला का पति लगातार फोन कर उन पर डेढ़ करोड़ रुपए देने का दबाव बना रहा था। पति की तरफ से यह धमकी दी जा रही थी कि यदि मांग पूरी नहीं की गई, तो उनकी बेटी से दुष्कर्म का गंभीर मामला दर्ज करा दिया जाएगा।
पीड़ित ठेकेदार ने पुलिस को इस पूरे ब्लैकमेलिंग रैकेट के पुख्ता सबूत सौंपे हैं, जिसमें कॉल रिकॉर्डिंग्स, सीसीटीवी फुटेज और पैसों के लेन-देन के साक्ष्य शामिल हैं।
पुलिस कार्रवाई और आगे की जांच
शिकायत मिलने के बाद बाग सेवनिया थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महिला, उसके पति रामकुमार धाकड़ और पिता रामकृष्ण देवड़ा के खिलाफ आईपीसी और संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। हालांकि, पुलिस सूत्रों के अनुसार अभी तक इस मामले में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा दिए गए डिजिटल साक्ष्यों, ऑडियो-वीडियो और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।

