दिल्ली में पुलिस की सख्ती के बावजूद सेंट्रल पार्क में लहराया तिरंगा

देश विदेश

नई दिल्ली

लहरा दो तिरंगा रैली से पहले अभिजीत दीपके और नेहा बोरा हिरासत में, ममता बनर्जी ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में शुक्रवार को आयोजित ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली को रोकने के लिए पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए। इलाके में निषेधाज्ञा लागू होने के कारण रैली के आयोजक अभिजीत दीपके और एआईएसआई की अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में ले लिया गया। इसके बावजूद बड़ी संख्या में समर्थक कनॉट प्लेस पहुंचे और सेंट्रल पार्क में तिरंगा लहराया।

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को उनके ठहरने के स्थान से बाहर निकलते ही हिरासत में लिया गया, जबकि नेहा बोरा को मंडी हाउस से पुलिस ने हिरासत में लिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि दीपके को तिरंगा लेकर रैली स्थल की ओर जाने के कारण रोका गया। पुलिस ने कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों के मद्देनजर लोगों को एकत्र होने से रोकने की कोशिश की। इसके बावजूद समर्थक छोटे-छोटे समूहों में रैली स्थल तक पहुंचे।

ममता ने कार्रवाई को बताया अघोषित आपातकाल

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे अघोषित आपातकाल जैसा बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का शांतिपूर्ण तरीके से इस्तेमाल करने वाले युवाओं को हिरासत में लेना चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि असहमति से डरने वाली सरकार युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

रैली के दौरान पुलिस के कथित दोहरे रवैये को लेकर भी सवाल उठे। सीजेपी समर्थकों ने आरोप लगाया कि उन्हें एक स्थान पर रुकने नहीं दिया गया, जबकि भाजपा के समर्थन में नारे लगाने वाले लोग वहां मौजूद थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद राजधानी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और कानून-व्यवस्था के लिए लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर बहस तेज हो गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *