मंच पर हत्यारे बैठे हैं, मैं वहां नहीं बैठ सकती: इमरती देवी

डबरा/भितरवार

डबरा

भाजपा कार्यक्रम के दौरान इमरती देवी के तीखे तेवर, सांसद के बुलाने पर भी मंच पर नहीं पहुंचीं; बोलीं- समय सबका बदलता है

डबरा। भाजपा के सेवा संकल्प अभियान के तहत जलसा गार्डन में आयोजित ‘मेरा सपनों का भारत—चित्र सेवा’ कार्यक्रम में उस समय सियासी हलचल तेज हो गई, जब पूर्व मंत्री इमरती देवी मंच पर जाने के बजाय कार्यकर्ताओं के बीच बैठी रहीं। कार्यक्रम के मुख्य बैनर में उनकी तस्वीर नहीं होने की चर्चा भी मौके पर रही।

ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाहा ने मंच से स्वयं इमरती देवी को मंच पर आने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने यह आग्रह स्वीकार नहीं किया और पूरे कार्यक्रम के दौरान नीचे ही बैठी रहीं। बाद में मीडिया से बातचीत में उन्होंने मंच पर नहीं जाने को लेकर कहा कि वे पार्टी की छोटी कार्यकर्ता हैं और कार्यकर्ताओं के बीच बैठना पसंद करती हैं।

हालांकि, इसके बाद उनके तेवर तल्ख नजर आए। इमरती देवी ने मंच पर बैठे लोगों को लेकर कहा कि “मंच पर हत्यारे और हत्या के आरोपी बैठे हैं, मैं वहां नहीं बैठ सकती।” उनके इस बयान से कार्यक्रम के बाद स्थानीय भाजपा की राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

पोस्टर में तस्वीर नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे भाजपा और सिंधिया की साधारण कार्यकर्ता हैं और हर कार्यकर्ता की तस्वीर पोस्टर पर नहीं लगती। सांसद के बुलाने के बावजूद मंच पर नहीं जाने पर उन्होंने कहा कि वे अपनी मर्जी की मालिक हैं।

बातचीत के अंत में इमरती देवी ने राजनीतिक शक्ति संतुलन को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “समय सबका बदलता है—पहले किसी और का था, आज किसी और का है और आने वाले समय में किसी और का होगा।”

इमरती देवी के मंच से दूरी बनाने और बाद में दिए गए बयानों ने डबरा के राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। हालांकि, उन्होंने जिन लोगों को लेकर ‘हत्यारे’ और ‘हत्या के आरोपी’ शब्दों का इस्तेमाल किया, उनके संबंध में कार्यक्रम की रिपोर्ट में कोई विस्तृत आरोप या कानूनी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *