गुवाहाटी
केंद्र के खिलाफ की नारेबाजी; CM हिमंत सरमा का बयान आया सामने
गुवाहाटी (NEWS UPDATE):असम की राजनीति में उस वक्त अचानक हलचल तेज़ हो गई, जब सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार में शामिल वरिष्ठ मंत्री की बेटी खुद सड़कों पर उतर आई। असम गण परिषद के कद्दावर नेता और राज्य के राजस्व मंत्री केशव महंत की बेटी दिबिसा महंत गुवाहाटी के चाचल में NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर हो रहे छात्र आंदोलन का हिस्सा बनीं।
दिबिसा महंत ने न केवल छात्रों के साथ प्रदर्शन किया, बल्कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
हाथों में तख्तियां और केंद्र के खिलाफ नारेबाजी
गुवाहाटी के चाचल स्थित विरोध स्थल पर पहुँचीं दिबिसा महंत के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर NEET परीक्षा में धांधली की जवाबदेही तय करने की मांग लिखी थी।
प्रदर्शन के दौरान दिबिसा द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ की गई नारेबाजी के वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहे हैं। Gen Z (युवा पीढ़ी) के इस प्रदर्शन में एक कैबिनेट मंत्री की बेटी का यूं आगे आना असम से लेकर दिल्ली तक चर्चा का केंद्र बन गया है।
PM और शिक्षा मंत्री के खिलाफ लगाए नारे
छात्रों के साथ विरोध स्थल पर पहुंचीं दिबिसा महंत हाथ में तख्तियां लिए केंद्र सरकार के खिलाफ जवाबदेही तय करने की मांग करती नजर आईं। प्रदर्शन के दौरान उनके द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री के खिलाफ की गई नारेबाजी के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में क्यों मचा बवाल?
गौरतलब है कि केशव महंत साल 2016 से असम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में लगातार कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पार्टी अध्यक्ष अतुल बोरा के बाद वे असम गण परिषद (AGP) के दूसरे सबसे कद्दावर और प्रभावशाली चेहरे के रूप में जाने जाते हैं। असम की राज्य राजनीति में एजीपी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और वह भाजपा की सबसे पुरानी सहयोगी दलों में से एक है।
ऐसे में, अपने ही गठबंधन की केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसलों के खिलाफ एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री की बेटी का यूं सड़कों पर उतरना, हाथ में तख्तियां लेकर नारेबाजी करना और विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनना असम से लेकर दिल्ली तक भारी चर्चा का विषय बन गया है। इस कदम ने न केवल सत्ताधारी गठबंधन के भीतर असहज स्थिति पैदा कर दी है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी तरह-तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का संतुलित रुख
इस पूरे घटनाक्रम पर जब संवाददाताओं ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से सवाल किया, तो उन्होंने बेहद संतुलित रुख अपनाया। दरअसल, उन्होंने कहा कि सीएम सरमा ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों के शांतिपूर्ण आंदोलन करने के अधिकार का पूरा सम्मान करती है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री खुद NEET परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की गहन जांच करवा रहे
हैं।
